
हाथरस 26 फरवरी । जनपद में चल रहे मीजल्स-रुबैला (एमआर) टीकाकरण अभियान की हकीकत जानने के लिए गुरुवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम.आई. आलम और वीसीसीएम श्री दिनेश सिंह ने ब्लॉक सासनी के विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूलों द्वारा बच्चों की सूची उपलब्ध न कराने और यू-विन (U-Win) पोर्टल पर धीमी डेटा फीडिंग को लेकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
पोर्टल पर डेटा अपडेट करने में मिली लापरवाही
दोपहर 12:30 बजे टीम प्राथमिक विद्यालय बिजली घर पहुंची, जहां एएनएम कंचन लता टीकाकरण कर रही थीं। वहां पाया गया कि स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सूची उपलब्ध नहीं कराई थी, जिससे पोर्टल पर नाम चढ़ाने में दिक्कत आ रही थी। विद्यालय में पंजीकृत 70 बच्चों के सापेक्ष केवल 46 का ही टीकाकरण हो सका था, जिनमें से पोर्टल पर मात्र 5 बच्चों का डेटा ही फीड मिला।
अधिकांश बच्चे मिले नदारद
दूसरे निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय बिजहारी में एएनएम बेबी रानी सत्र संचालित करती मिलीं। यहां 169 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष केवल 51 बच्चे ही उपस्थित थे। अध्यापकों ने बताया कि अधिकांश बच्चे बाहर गए हुए हैं। यहां भी 51 टीकाकृत बच्चों में से केवल 12 का विवरण पोर्टल पर दर्ज था।
कोल्ड चेन का किया सत्यापन
स्कूलों के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सासनी की कोल्ड चेन का जायजा लिया। वहां आईओ आकाश शर्मा उपस्थित मिले। स्टॉक रजिस्टर और वैक्सीन वितरण रजिस्टर की जांच करने पर सभी रिकॉर्ड दुरुस्त पाए गए।
अधिकारियों के सख्त निर्देश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एम.आई. आलम ने दोनों एएनएम को निर्देशित किया कि टीकाकृत बच्चों का डेटा तत्काल यू-विन पोर्टल पर अपलोड किया जाए। साथ ही संबंधित स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत पंजीकृत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित कराएं ताकि कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से बाहर न रहे।















