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सिकंदराराऊ (हसायन) 22 फरवरी । विकासखंड क्षेत्र के गांव बांण अब्दुलहईपुर में चल रही चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाते हुए दो काश्तकारों का आमरण अनशन रविवार, 22 फरवरी को तीसरे दिन भी जारी रहा। गांव हईपुर के निकट रसूलपुर मार्ग पर स्थित एक नलकूप पर धरने पर बैठे किसानों ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर मानसिक और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है।

54 बीघा जमीन में कटौती का आरोप

रसूलपुर निवासी काश्तकार कैलाश चन्द्र पुत्र रघुवीर सिंह और राजवीर सिंह पुत्र रामचन्द्र सिंह ने बताया कि बांण अब्दुलहईपुर की सीमा में स्थित उनकी 54 बीघा जमीन के चक को कम कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी कर्ताओं ने नियम विरुद्ध तरीके से कुसुमा देवी के चक को दूसरी जगह से उठाकर उनके चक के पास ‘उड़ान चक’ के रूप में स्थापित कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस उड़ान चक को वापस लिया जाए और बिना पर्चा नंबर 23 के की गई नाप को रद्द कर दोबारा पैमाइश कराई जाए।

अधिकारियों के आश्वासन पर नहीं रहा भरोसा

अनशनकारी किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे लंबे समय से सक्षम अधिकारियों और प्रशासनिक चौखट पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी अधिकारियों ने समस्या समाधान का वादा किया था, लेकिन कार्यालय लौटते ही वे अपने वादे भूल गए। कुछ कर्मचारी गांव आकर फोटो और वीडियोग्राफी तो करते हैं, मगर धरातल पर समस्या जस की तस बनी हुई है।

जारी रहेगा आंदोलन

किसानों की मांग है कि चकमार्ग संख्या 205 के चौड़ीकरण में गई भूमि को गाटा संख्या 6 में शामिल कर कटौती की जाए और नाली व चकमार्गों को 15 से 20 कड़ी का बनाया जाए। अनशन स्थल पर रसूलपुर, हईपुर, बांण और नगरिया के ग्रामीणों का समर्थन देने के लिए आवागमन जारी है। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं होगा, तब तक यह आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा।

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