सिकंदराराऊ (हसायन) 21 फरवरी । विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांण अब्दुलहईपुर में चल रही चकबंदी की प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है। चकबंदी विभाग के कर्मचारियों पर मनमानी और गलत तरीके से चक निर्धारण का आरोप लगाते हुए दो काश्तकारों ने शनिवार से आमरण अनशन प्रारंभ कर दिया है। रसूलपुर निवासी किसान कैलाश चन्द्र पुत्र रघुवीर सिंह और राजेश सिंह पुत्र रामचन्द्र सिंह ने रसूलपुर मार्ग पर स्थित एक नलकूप पर अपना डेरा डाल दिया है। किसानों का आरोप है कि उनकी 54 बीघा जमीन के चक को जानबूझकर कम कर दिया गया है और विभाग के कारिंदे उनका उत्पीड़न कर रहे हैं।
अनशनकारी किसानों ने बताया कि चकबंदी कर्ताओं ने कुसुमा देवी के चक को गलत तरीके से दूसरी जगह से उठाकर उनकी भूमि के पास ‘उड़ान चक’ के रूप में स्थापित कर दिया है, जिसे तुरंत वापस भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा, किसानों का आरोप है कि बिना पर्चा संख्या-23 जारी किए ही चकों की नाप कर दी गई, जो नियमों के विरुद्ध है। किसानों की मांग है कि पर्चा संख्या-23 के अनुसार दोबारा पारदर्शी तरीके से नाप कराई जाए, नाली व चकमार्गों को 15 से 20 कड़ी चौड़ा बनाया जाए और चकमार्ग संख्या-205 के चौड़ीकरण में गई भूमि को गाटा संख्या-6 में शामिल कर कटौती समायोजित की जाए।
पीड़ित किसानों के अनुसार, पिछली बार भी उन्हें कोरा आश्वासन देकर अनशन से उठा दिया गया था, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक लिखित समाधान नहीं होगा, अनशन जारी रहेगा। अनशन स्थल पर रसूलपुर, हईपुर, बांण और नगरिया के तमाम ग्रामीण और किसान अपना समर्थन देने पहुँच रहे हैं। दूसरी ओर, इस मामले में चकबंदी लेखपाल दीपेश कुमार सिंह का कहना है कि चक परिवर्तन नियमानुसार किए गए हैं और संबंधित प्रकरण वर्तमान में चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तिथि नियत की है, जिसके बाद आने वाले आदेश के आधार पर ही अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रमुख मांगें
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उड़ान चक: कुसुमा देवी के गलत तरीके से बनाए गए उड़ान चक को निरस्त करना।
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पैमाइश: पर्चा संख्या-23 के आधार पर चकों की दोबारा सही नाप।
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चकमार्ग: मार्ग संख्या-205 के चौड़ीकरण की विसंगतियों को दूर करना।
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सुविधा: चकमार्ग और नालियों की चौड़ाई मानकों के अनुरूप (15-20 कड़ी) करना।













