हाथरस 19 फरवरी । कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक गांव में बरात आने से ठीक एक दिन पहले बाल कल्याण समिति एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 वर्षीय किशोरी की शादी रुकवा दी। प्रशासन की इस पहल से एक नाबालिग का भविष्य सुरक्षित हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव में एक किशोरी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। गुरुवार को सिकंदराराऊ क्षेत्र के एक गांव से बरात आनी थी। बुधवार को किशोरी के घर मेहंदी व हल्दी की रस्में चल रही थीं, टेंट लगा था और रिश्तेदार भी एकत्र थे। किशोरी के पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बुधवार सुबह किसी व्यक्ति द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर बाल विवाह की सूचना दी गई, जिसके बाद लखनऊ से सूचना हाथरस पुलिस और बाल कल्याण समिति को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति के सदस्य कोतवाली हाथरस जंक्शन पहुंचे और पुलिस टीम के साथ गांव में मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर परिजनों में खलबली मच गई। टीम ने परिजनों से बातचीत की और किशोरी को सामने बुलाया गया। किशोरी देखने में नाबालिग प्रतीत हो रही थी, हालांकि परिजनों ने उसे बालिग बताया, लेकिन उम्र से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला भी दिया। बाल कल्याण समिति किशोरी को कोतवाली हाथरस जंक्शन ले आई, जहां से उसे समिति की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी हाथरस जंक्शन जे.एन. अस्थाना ने बताया कि किशोरी की काउंसिलिंग कराई जाएगी तथा उम्र से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बाल विवाह के खिलाफ कानून का सख्ती से पालन किया जाएगा और किसी भी सूरत में नाबालिगों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।















