
हाथरस 17 फरवरी । बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल में फाउंडेशन ईयर्स (नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, कक्षा 1 एवं कक्षा 2) के नन्हे विद्यार्थियों के लिए वार्षिक उत्सव ‘तरंग 2026’ का अत्यंत भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय का दृढ़ विश्वास है कि प्रारंभिक शिक्षा ही भविष्य की मजबूत नींव है और “कोई भी बच्चा पीछे न छूटे” की भावना के साथ प्रत्येक विद्यार्थी को मंच प्रदान किया जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास, सार्वजनिक वक्तृत्व कौशल और मंच संचालन की क्षमता का विकास करना था। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस वर्ष के कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारतीय परंपरा और वैश्विक दृष्टिकोण का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। माँ गंगा को समर्पित विशेष नृत्य प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति की पवित्रता और आध्यात्मिक भाव को जीवंत कर दिया। योग प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि भारतीय जड़ों से जुड़े रहकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। स्केटिंग और ताइक्वांडो की शानदार प्रस्तुतियों ने बच्चों की शारीरिक क्षमता, संतुलन और आत्मरक्षा कौशल को प्रदर्शित किया। वहीं नन्हे विद्यार्थियों ने देश की थलसेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी में आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत कर देशभक्ति की भावना का संचार किया। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय भारतीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में विजयी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धि ने विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया और अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा प्रदान की। मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी दिवाकर उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डेंटिस्ट एवं समाजसेवी डॉ. हिमांशु ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। विद्यालय के चेयरमैन एवं प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्य अतिथि श्वेता चौधरी दिवाकर ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों, अभिभावकों और विशेष रूप से माताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सही दिशा, संस्कार और प्रोत्साहन से बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। ‘तरंग 2026’ केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैश्विक सोच का जीवंत संगम रहा। इस आयोजन ने पुनः सिद्ध कर दिया कि बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। नन्हे कदमों की यह मधुर ‘तरंग’ भविष्य की बड़ी सफलताओं का संकेत बनकर सभी के हृदय में अमिट छाप छोड़ गई।


















