
हाथरस 12 फरवरी । मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘मृदा में जैविक खाद बढ़ाओ संकल्प अभियान’ (2026-2030) के अंतर्गत आज ग्राम जाऊ इनायतपुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम और सर्वेक्षण का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, हाथरस के सस्य वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने गांव के विभिन्न खेतों का सघन सर्वेक्षण किया । सर्वेक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने पाया कि रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की संरचना प्रभावित हो रही है और उसमें जैविक कार्बन का स्तर लगातार गिर रहा है, जो भविष्य में कृषि उत्पादन के लिए एक गंभीर संकट बन सकता है। किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. बलवीर सिंह ने विस्तार से बताया कि मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता को बनाए रखने के लिए उसमें जैविक पदार्थों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट और ढैंचा जैसी हरी खाद का प्रयोग बढ़ाएं ताकि मिट्टी की सेहत में सुधार हो सके। उन्होंने मौके पर ही मिट्टी के नमूने लेने की वैज्ञानिक विधि का प्रदर्शन भी किया और ‘सही पहल : सुनहरा कल’ के नारे के साथ किसानों को आगामी वर्षों में मिट्टी को विषमुक्त बनाने का संकल्प दिलाया। आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने वैज्ञानिक सुझावों को अपनाने का आश्वासन दिया।

















