
हाथरस 04 फरवरी । 15वें वित्त आयोग/अवस्थापना निधि की संस्तुतियों के अंतर्गत नगर पालिका परिषद हाथरस एवं नगर पंचायत सि०राऊ को प्राप्त/अवशेष धनराशि से संबंधित प्रस्तुत प्रस्तावों पर विचार एवं पूर्व से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अतुल वत्स ने की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वित्त आयोग से स्वीकृत सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि अवशेष एवं अपूर्ण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा नए स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण कराई जाए, जिससे उपलब्ध धनराशि का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्त आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि का उपयोग स्थानीय नागरिकों के हित में पूरी पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ किया जाए। साथ ही प्रस्तावित योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं प्रगति की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक बिंदु का सही ढंग से अनुपालन हो सके। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत सभी प्रस्ताव जनसामान्य की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े हैं, जिनमें जल निकासी, नाली-सीवर निर्माण, सीसी व इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण, कायाकल्प, उपकरण क्रय तथा अन्य विकास कार्य शामिल हैं। प्राप्त प्रस्तावों में से कुछ को छोड़कर शेष प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की गति बढ़ाना, नागरिक सुविधाओं में सुधार लाना तथा आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों व अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समन्वय, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें, जिससे योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो सके। बैठक में विशेष रूप से साफ-सफाई व्यवस्था, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन प्रणाली, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत एवं रख-रखाव तथा नगर क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकाय नियमित रूप से सफाई अभियान चलाएं तथा कूड़ा निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। खराब स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत के निर्देश देते हुए रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। साथ ही निगरानी हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना एवं क्रय की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, पटल सहायक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

















