
हाथरस 02 फरवरी । फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल हाथरस के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी व्यवस्था एवं अतिक्रमण अभियान में पारदर्शिता की मांग की है। यह ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपने के साथ ही डाक द्वारा रजिस्ट्री भी किया गया। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में एसआईआर (SIR) कार्य में लगभग समस्त जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण व्यापारियों एवं उद्योगपतियों के जीएसटी से संबंधित आवश्यक कार्य पूरी तरह बाधित हो रहे हैं। कार्यालयों में अधिकारी उपलब्ध न होने से रिटर्न, पेनल्टी, नोटिस निस्तारण जैसे कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते पोर्टल के माध्यम से व्यापारियों पर स्वतः आर्थिक दंड लग जाता है। इससे व्यापारियों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और सरकार की नजर में उनकी फर्म पर भी संदेह की स्थिति बन जाती है।
व्यापारियों ने यह भी बताया कि सचल दल द्वारा बिल अथवा माल में त्रुटि पाए जाने पर वाहन पकड़ लिया जाता है, लेकिन उसकी पेनल्टी या जुर्माना जमा कराने के लिए कई दिनों तक अधिकारियों का इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि संबंधित अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते। इस समस्या को देखते हुए व्यापार मंडल ने जीएसटी अधिकारियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर लगाए जाने की मांग की है, जिससे कार्यालयों का कार्य सुचारू रूप से चल सके। ज्ञापन में नगर की स्वच्छता और सुंदरता से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। व्यापारियों ने कहा कि व्यापारी एवं नगरवासी प्रशासन को पूरा सहयोग करते हैं, लेकिन कुछ दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण से आम जनता को परेशानी होती है। उन्होंने मांग की कि अतिक्रमण हटाओ अभियान वीडियोग्राफी के साथ चलाया जाए और नियमानुसार अधिकतम जुर्माना लगाया जाए, लेकिन अवैधानिक तरीके से तोड़-फोड़ या सामान जब्त न किया जाए। साथ ही आरोप लगाया गया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा जब्त किए गए सामान का न तो दुकानदार को कोई लिखित रसीद दी जाती है और न ही उसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड मालखाने में दर्ज किया जाता है। व्यापारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सुरेश अग्रवाल, कन्हैयालाल शर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, सुनील अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, शैलेंद्र शर्मा एवं बॉबी गुरु प्रमुख रूप से शामिल रहे।
















