
हाथरस 30 जनवरी । राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय, हाथरस में संचालित “राष्ट्र हेतु विशेष मध्यस्थता अभियान-2.0” को सफल बनाए जाने के उद्देश्य से समस्त न्यायिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जनपद न्यायाधीश ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पक्षकारों को अधिक से अधिक मध्यस्थता के लिए प्रेरित करें तथा वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा प्रकरण, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, भूमि अधिग्रहण, संपत्ति बंटवारा, बेदखली एवं अन्य उपयुक्त दीवानी प्रकरणों को समझौते के आधार पर निस्तारण हेतु मध्यस्थता केंद्र हाथरस को संदर्भित करें। जनपद न्यायाधीश ने जानकारी दी कि माह जनवरी 2026 में अब तक 506 प्रकरणों को मध्यस्थता केंद्र भेजा गया, जिनमें से 12 मामलों में मध्यस्थता सफल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के निस्तारण से पक्षकारों के बीच आपसी मधुरता बनी रहती है, उन्हें त्वरित न्याय मिलता है तथा समय और धन दोनों की बचत होती है। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनु चौधरी ने बताया कि यह विशेष अभियान 01 जनवरी 2026 से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने आमजन, वादकारियों एवं अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने प्रार्थना पत्र संबंधित न्यायालयों में प्रस्तुत कर इस अभियान का लाभ उठाते हुए अपने मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करने और आम जनता को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आपसी सुलह से न केवल विवाद समाप्त होते हैं, बल्कि रिश्तों में भी मधुरता आती है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस अथवा नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।
















