
हाथरस 27 जनवरी । फर्जी आतिशबाज़ी के लाइसेंस जारी करने के आरोप में न्याय सहायक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मुरसान कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला आतिशबाज़ी लाइसेंस के संबंध में सामने आया, जिसमें 17-18 फर्जी और कूटरचित लाइसेंस जारी किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता जयकुमार शर्मा, निवासी आवास विकास कॉलोनी, थाना कोतवाली सदर, ने कहा कि तत्कालीन न्याय सहायक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ ने जिला अधिकारी हाथरस के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए ये फर्जी लाइसेंस जारी किए। जब इन फर्जी लाइसेंस धारकों ने नवीनीकरण के लिए अपने लाइसेंस प्रस्तुत किए, तो यह पता चला कि ये दस्तावेज़ फर्जी और कूटरचित हैं। इसके बाद अपर जिलाधिकारी न्यायिक की अध्यक्षता में मुख्य अग्निशमन अधिकारी हाथरस और प्रभारी अधिकारी न्याय द्वारा गठित त्रिसदसीय जांच समिति ने जांच की। समिति ने आरोप सही पाए जाने पर इनके विरुद्ध आपराधिक और विधिक कार्यवाही की संस्तुति की। मुरसान कोतवाली प्रभारी अधिकारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में एक गंभीर सवाल यह भी उठता है कि यदि इन फर्जी लाइसेंसों के कारण अवैध रूप से आतिशबाज़ी की बिक्री से किसी स्थान पर ब्लास्ट या दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इस संदर्भ में जांच और कार्रवाई की दिशा में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

















