Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 24 जनवरी । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राष्ट्र प्रेरणा स्थल में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न देकर गृह मंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को यूपी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़कर सुनाया। सीएम योगी ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना यूपी की ताकत बनेगी। प्रदेश सरकार की ओर से एक जिला एक व्यंजन योजना को आज लॉन्च किया गया, जिसमें हाथरस के मशहूर रबड़ी को आधिकारिक तौर पर एक जिला एक व्यंजन योजना में शामिल किया गया है।  सीएम योगी ने कहा कि आज गृह एवं सहकारिता मंत्री के कर कमलों से वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ओडीओसी) योजना लागू की गई है। इससे 75 जनपदों की 75 प्रकार की भोजन सामग्री अब यूपी की नई ताकत बनेगी। अच्छा हाईजीन युक्त भोजन, खाद्य सामग्री, श्रीअन्न से बनी सामग्री लोगों को प्राप्त हो सके, स्थानीय उत्पादों को जियो टैग कर सकें और फिर उसे वैश्विक पहचान दिला सकें, उसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग, डिजाइनिंग करने के साथ देश व वैश्विक मांग के अनुरूप उस प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट कर सकें, यह अवसर यूपी में अब हर व्यंजन के लिए प्राप्त होगा। हन्नो रबड़ी वालों की ओर से कृष्णा वार्ष्णेय ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से एक जिला एक व्यंजन योजना को आज लॉन्च किया गया, जिसमें हाथरस के मशहूर रबड़ी को आधिकारिक तौर पर एक जिला एक व्यंजन योजना में शामिल किया गया है।भविष्य में इसे लखनऊ प्रदर्शनी में भी लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना के शुभारंभ किया। ब्रांड यूपी को सशक्त बनाने में एक जनपद-एक उत्पाद  योजना की बड़ी भूमिका के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूज़ीन को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाथरस की रबड़ी, मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्ज़ी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आज़मगढ़ का सफ़ेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए। मुख्यमंत्री ने जीआई टैगिंग को प्रोत्साहित करने, स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने और युवाओं व आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओसी के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें क्यूज़ीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि योजनांतर्गत उत्पादों के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, खाद्य विविधता का विस्तार, रोजगार सृजन, वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण शामिल है। इसके साथ ही निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग रणनीति के तहत ओडीओसी लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी। हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि को दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के माध्यम से ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता जानकारी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्रीय और त्योहार-थीम आधारित पैकेजिंग डिजाइनों को भी विकसित किया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओसी योजना ‘वोकल फॉर लोकल’ को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पहल केवल योजना न रहकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page