
हाथरस 23 जनवरी । आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन के सभागार में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती के अवतरण दिवस पर विधिवत पूजन-अर्चन के उपरांत ब्रज कला केन्द्र द्वारा शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया और उनके शौर्य, त्याग तथा राष्ट्रभक्ति से जुड़े संस्मरणों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कार्यक्रम में वीना गुप्ता ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की और कहा कि “पीपलिया की छांव मां तुम्हारे आंगन में, ज्ञान का दीप जलाना मेरे आंगन में।” ब्रज कला केन्द्र के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार और संकल्प थे। उनका जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पण करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शौर्य दिवस हमें साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना का स्मरण कराता है। इस अवसर पर उन्होंने काव्यात्मक रूप में नेताजी को नमन करते हुए कहा कि “जंजीरों को तोड़ गया, जो ललकार बना इतिहास, नेताजी के कदमों से जागा भारत का स्वाभिमान।” साथ ही मां शारदे को नमन करते हुए कहा कि “हे मां शारदे हमें ज्ञान दे और जीवन को परिपूर्ण कर दे।” अन्य वक्ताओं ने कहा कि नेताजी ने आज़ाद हिन्द फौज के माध्यम से अंग्रेज़ों को देश छोड़ने के लिए विवश कर दिया और उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। कार्यक्रम में आशु कवि अनिल बौहरे, साहित्यकार विद्यासागर विकल, गोपाल चतुर्वेदी, अविनाश पचौरी, ब्रजेश बशिष्ठ, कल्पना गुप्ता, जीवनलाल शर्मा, हरीशंकर वर्मा, कपिल नरूला, श्याम बाबू चिंतन, ऋषि कौशिक, पूरन सागर, योगेन्द्र वर्मा, संतोष उपाध्याय, अभिषेक शर्मा, पीयूष अग्निहोत्री सहित अनेक साहित्यकारों एवं कवियों ने नेताजी की महानता और जुझारूपन से जुड़े संस्मरण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन संस्था के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने किया तथा अध्यक्षता जयशंकर पाराशर ने की।














