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हाथरस 23 जनवरी । आज जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, हाथरस के कुशल निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन हाथरस में सायं 6 बजे से एक वृहद ब्लैक आउट (Black Out) मॉकड्रिल का सफलतापूर्वक संपादन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य युद्धकालीन परिस्थितियों या किसी भी हवाई हमले की स्थिति में जान-माल की रक्षा के लिए नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) की तैयारियों को परखना और आम जनमानस को सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रति जागरूक करना था। मॉकड्रिल की शुरुआत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सायं ठीक 06.00 बजे खतरे का सायरन (Wailing Tone) गूँजते ही संपूर्ण रिजर्व पुलिस लाइन हाथरस और आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। जिलाधिकारी महोदय के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा श्री धर्मेंद्र कुमार ( डिप्टी कलेक्टर) ने स्वयं रिजर्व पुलिस लाइन में रहकर पूरी कार्यवाही की निगरानी की। सायरन बजते ही नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों और वार्डनों ने अपनी-अपनी चौकियों पर मोर्चा संभाला और यह सुनिश्चित किया कि कहीं से भी प्रकाश की किरण बाहर न दिखे। धर्मेंद्र सिंह उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा हाथरस द्वारा अभ्यास के समापन की घोषणा की।  नागरिक सुरक्षा कर्मियों, आपदा मित्रों, होमगार्ड़,  पुलिस आदि को संबोधित करते हुए  उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक युग में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि शहरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ब्लैक आउट का अर्थ केवल लाइट बंद करना नहीं है, बल्कि दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के लिए टारगेट पहचानना असंभव बनाना है। आज की मॉकड्रिल में सायरन सिस्टम की कार्यप्रणाली, संचार व्यवस्था और स्वयंसेवकों के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा की गई, जो अत्यंत संतोषजनक रही।
इस मॉकड्रिल में नागरिक सुरक्षा विभाग के साथ-साथ पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड ने भी समन्वय स्थापित किया। रिजर्व पुलिस लाइन में प्रतीकात्मक रूप से प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और अग्निशमन का भी प्रदर्शन किया गया। सुरक्षा वार्डनों ने गलियों और सड़कों पर गश्त कर लोगों को घरों के अंदर रहने और लाइटें बंद रखने की हिदायत दी। यातायात नियंत्रण अभ्यास के दौरान सड़क पर चल रहे वाहनों की हेडलाइट्स भी बंद कराई गईं, जिससे वास्तविक युद्धकालीन स्थिति का अनुभव हो सके। प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई कि वे ऐसी मॉकड्रिल को गंभीरता से लें। भविष्य में भी इस प्रकार के अभ्यास आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि आपातकालीन स्थिति में पैनिक (अफरा-तफरी) की स्थिति उत्पन्न न हो और प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझ सके।
सायं 06.30 बजे ऑल क्लियरश् (Steady Tone) का सायरन बजने के साथ ही विद्युत आपूर्ति बहाल की गई और मॉकड्रिल का औपचारिक समापन हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिला मुख्य अग्निशमन अधिकारी की टीम, बी.पी.सी.एल. बॉटलिंग प्लांट सलेमपुर की टीम, अधिशासी अभियंता विद्युत हाथरस, जिला आपदा विशेषज्ञ, आपदा सहायक, होमगार्ड कमाण्डेन्ट तथा अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं आपदा मित्र,  उप-नियंत्रक (नागरिक सुरक्षा) सहित भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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