
हाथरस 22 जनवरी । आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपया भवन में ब्रज कला केन्द्र द्वारा आयोजित आध्यात्मिक संध्या भक्तिरस से सराबोर हो गई। संगीतमय गायन, सुन्दरकाण्ड पाठ, कीर्तन एवं काव्य गोष्ठी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत पंडित विष्णु शर्मा एवं पंडित नगीना गुरु की जुगलबंदी ने विविध वाद्य यंत्रों के साथ सुन्दरकाण्ड का सस्वर पाठ प्रस्तुत किया, जिससे सभागार में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भक्तिभाव में डूब गया। कार्यक्रम के मध्य गणेश, हनुमान, राधाकृष्ण एवं शिव स्वरूपों की लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने झूम-झूम कर आनंद लिया। एटा से पधारे विशिष्ट अतिथि एडीजीसी रविशंकर वार्ष्णेय तथा कार्यक्रम प्रभारी वीना गुप्ता एडवोकेट (महासचिव) के साथ दिल्ली से पधारे क्षितिज जुगनू गुप्ता एवं संजीव जैन ने केक काटकर बधाई गीत का वाचन किया, जिसे नारी शक्ति की नृत्य प्रस्तुति के साथ प्रस्तुत किया गया। सुन्दरकाण्ड पाठ के उपरांत आयोजित आध्यात्मिक काव्य गोष्ठी में कवियों ने समा बांध दिया। काव्य पाठ करने वालों में आशु कवि अनिल बौहरे, चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, कवयित्री मीरा दीक्षित, चाहत शर्मा, संजीव जैन (नोएडा), जयप्रकाश पचौरी (सादाबाद), श्याम बाबू चिंतन, प्रेम सिंह यादव एडवोकेट, डॉ. उपेन्द्र झा, पंडित हाथरसी, प्रदीप पंडित सहित अनेक कवि शामिल रहे।
कार्यक्रम में दिल्ली से पधारीं मीनू गुप्ता, नीतू जैन एवं कीर्ति जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों में डॉ. अनु विमल, इन्द्रा जैसबाल, अल्का वार्ष्णेय, बाला शर्मा, सुचेता जोन, रितु गौतम, छवि विक्रमादित्य, हरीशंकर वर्मा, बृजमोहन शर्मा, अधीर पचौरी, विक्की बौहरे, रिशी कौशिक, अविनाश पचौरी, दिलीप पोद्दार एडवोकेट, अनिल वार्ष्णेय, जयशंकर पाराशर, जीवन लाल शर्मा, मुकेश शर्मा, विजय सिंह प्रेमी, रामबृज एडवोकेट, चमनेश राजपूत, राजकुमार पचौरी, तरुण पंकज, नवल नरूला, सुनील वार्ष्णेय, कपिल नरूला, लक्ष्य वार्ष्णेय, मानसी वाष्र्णेय, यश बौहरे, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री, सुरेश चंद्र उपाध्याय, पीके शर्मा, कृष्ण गुप्ता, डॉ. विष्णु गुप्ता, मोहम्मद तौसीफ, विष्णु कुमार, जयश्री पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आशु कवि अनिल बौहरे ने किया। अध्यक्षता चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने की, संयोजन वीना गुप्ता द्वारा किया गया तथा आभार व्यक्त व्यापारी नेता सुरेश चंद्र अग्रवाल ने किया।














