
हाथरस 13 जनवरी । नगर में जन्मे स्वांग सम्राट पं. नथाराम गौड़ ने स्वांग का डंका देश के साथ विदेश तक में बजाया। कल उनकी 152 वीं जयंती है। रंगमंच की दुनिया पं.नथाराम गौड़ की प्रतिभा की कायल रही। उन्होंने स्वांग के माध्यम से लोगों को देश भक्ति का संदेश दिया और समाजसुधारक की भूमिका भी निभाई। विदेश में कई विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने शोध में पंडित जी की रचनाओं को शामिल किया है। कई पुस्तकालयों में उनकी रचनाएं सुरक्षित हैं। पंडित नथाराम गौड़ की 152वीं स्वर्ण शताब्दी जयंती के अवसर पर कल बुद्धवार को एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति केन्द्र, भारत तथा पं. नथाराम गौड़ लोक-साहित्य शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पूर्वान्ह 11 बजे से अलीगढ रोड स्थित श्याम- प्रेस परिसर में संपन्न होगा। कार्यक्रम के प्रथम चरण में युगपुरुष पं. नथाराम गौड़ जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विद्वानों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही नौटंकी एवं सांगीत विधा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों व साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह के द्वितीय चरण में पं. नथाराम गौड़ जी द्वारा रचित ऐतिहासिक सांगीत पद्मावती रणवीर का मंचन किया जाएगा, जो दर्शकों को लोकनाट्य की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराएगा। संस्था की अध्यक्ष शशि बाला गौड़ एवं महासचिव आचार्य डॉ. के. सी. शास्त्री ने जनपद के साहित्यप्रेमियों, कलाकारों एवं संस्कृति अनुरागियों से इस आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन लोककला की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के आयोजक पं. आशीष गौड़, पं. उपनीत गौड़ एवं पं. राहुल गौड़ ने सभी हाथरस वासियों से समारोह में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया है।

















