
सासनी 13 जनवरी । आशा नगर स्थित दरगाह शरीफ पर मंगलवार को सुल्तानुल आरफीन हज़रत ख़्वाजा सूफी हाफिज अलाउद्दीन हसन शाह बिलाली के 30वें उर्स मुबारक का भव्य आगाज़ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सरकारी चादर पोशी की रस्म से हुई। फजर की नमाज के बाद कुरान खानी का आयोजन किया गया। इसके बाद हाथरस से बाबा के दीवानों ने सरकारी चादर को लेकर झूमते हुए कव्वालियां गाते हुए पैदल यात्रा शुरू की। पहले वे डॉ. कमलेश के आवास पहुंचे, जहां उनका जोशीला स्वागत किया गया। फिर शम्स टेलर के प्रतिष्ठान पहुंचे, जहां बदरुज्जमा और उनके सहयोगियों ने दीवानों का स्वागत किया और बाबा की शान में कव्वालियां पेश की गईं। इस अवसर पर सूफी डॉ. इरशाद हसन की सरपरस्ती में दीवानों ने नगर के मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों से होते हुए दरगाह वापस यात्रा की। दरगाह पर रस्मों के साथ चादरपोशी की रस्म अदा की गई और इस तरह उर्स ए शाह बिलाली का आधिकारिक आगाज़ हुआ। रात में ईशा की नमाज के बाद मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया, जिसमें मशहूर उलमा ए इकराम और नात ख्वाहों ने भाग लिया।

















