सादाबाद 12 जनवरी । सूखी ठंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार गलन भरी सर्दी के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर पाला जमने लगा है। विशेषकर आलू की फसल की पत्तियों पर सुबह के समय सफेद परत के रूप में पाला साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में पड़े कूड़े-करकट और मेड़ों पर भी जमी ठंड से सर्दी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों ने बताया कि यदि यह स्थिति कुछ दिन और बनी रही, तो आलू, सरसों और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। आलू की पत्तियों पर पाला जमने से पौधों की बढ़वार रुक सकती है और कंदों पर भी असर पड़ सकता है। कई किसानों ने सुबह खेतों में पत्तियों को झुलसा हुआ पाया है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। फसलों को पाले से बचाने के लिए किसानों को रात के समय धुआं करने और खेतों की मेड़ों पर कूड़ा-करकट जलाने की सलाह दी जा रही है। सूखी ठंड और पाले की मार ने किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह नुकसान किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी असर डाल सकता है। कृषि विशेषज्ञ ललित कुलश्रेष्ठ ने किसानों को सलाह दी है कि तापमान कम होने और अत्यधिक ठंड के कारण वे शाम को खेतों में हल्का पानी दें। उन्होंने लिक्विड सल्फर का स्प्रे करने और साइमॉक्सानिल प्लस मैंकोजेब (600 ग्राम प्रति एकड़) का उपयोग करने का भी सुझाव दिया। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं।



















