
हाथरस 11 जनवरी । विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में संस्कार भारती द्वारा रुई की मंडी में एक विशेष साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ जितेंद्र शर्मा रहे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक आशुकवि अनिल बौहरे ने हिंदी के वैश्विक महत्त्व और उसकी गतिशीलता पर प्रकाश डालते हुए इसे जन जन की भाषा बनाने पर जोर दिया। वरिष्ठ साहित्यकार एवं कोषाध्यक्ष श्याम बाबू चिंतन ने कहा कि हिंदी हिन्द की पताका, दुनिया में लहराय, संविधान के विधान से विश्वगुरु बन जाए। जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने कहा कि घोलती मिसरी है हिन्द की पावन धरा है। मंत्री सुखप्रीत सिंह सुखी ने कहा कि पर्ण की किस्मत कहाँ है कंद हो जाना। साहित्य विधा संयोजक डॉ सुनीता उपाध्याय ने कहा कि सब मिल तासौ छाड़ि के दूजे और उपाय। कार्यक्रम में लोक कला विधा संयोजक जीवन लाल शर्मा, चौ जयवीर सिंह, सोनाली वार्ष्णेय, अनु विमल, हेमेंद्र कुमार आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में महामंत्री एआर शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष चेतन उपाध्याय ने किया।




















