
हाथरस 10 जनवरी । विकास खण्ड मुरसान की ग्राम पंचायत गौजिया में संचालित माधव अस्थायी गौशाला का जिलाधिकारी अतुल वत्स ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने तथा संरक्षित गौवंश के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने गौवंश के लिए पीने के पानी, टीन शेड, हरा चारा एवं भूसे की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने केयर टेकर उपस्थिति पंजिका, स्टॉक पंजिका, पशु चिकित्सक विजिट पंजिका सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान टीन शेडों में गोबर पड़े होने एवं साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और नियमित सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने ठंड से बचाव के लिए गौवंश हेतु अलाव की व्यवस्था तथा हवा से बचाव के लिए समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने गौशाला में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जनपद की समस्त स्थायी एवं अस्थायी गौशालाओं में संरक्षित गौवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक निरीक्षण के दौरान भ्रमण पंजिका में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर किए जाने के निर्देश दिए, ताकि निरीक्षण की पारदर्शिता बनी रहे।
गौशाला में संरक्षित गौवंश एवं व्यवस्थाओं के संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला में कुल 290 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं, जिनमें 96 नर एवं 194 मादा गौवंश शामिल हैं। देखरेख के लिए 05 केयर टेकर तैनात हैं। गौशाला में 03 टीन शेड, 03 चरही, 01 पानी पीने का हौज एवं 02 समरसेबिल पंप संचालित हैं। वर्तमान में 150 कुंतल भूसा उपलब्ध है। गौशाला के पास लगभग 22 बीघा भूमि है, जिसमें से 07 बीघा में गौशाला तथा शेष भूमि में हरे चारे के लिए नैपियर घास एवं जौ की फसल बोई गई है। उन्होंने बताया कि गौशाला में एक अतिरिक्त टीन शेड एवं चारों ओर बाउंड्री कराए जाने की आवश्यकता है। इसी दौरान गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने विधिवत तिलक लगाकर गो-पूजन किया तथा गौ माता को हरा चारा एवं गुड़ खिलाया। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों, व्यापारियों एवं जनसमूह को गौ माता के संरक्षण, सम्मान एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया। जिलाधिकारी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि गौवंश संरक्षण के लिए सामूहिक संवेदनशीलता, आत्मविश्वास एवं निस्वार्थ भाव से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग, उद्यमियों एवं व्यापारियों से गौसेवा में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि परिवारों को अपने निजी आयोजनों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ आदि अवसरों पर युवाओं को गौशालाओं से जोड़ना चाहिए, जिससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत और गौ संरक्षण के महत्व को समझ सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी, सहायक खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम प्रधान सहित उद्यमी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




















