
हाथरस 08 जनवरी । आज पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा पुलिस लाइन स्थित शैक्षिक कक्ष में आरटीसी के रिक्रूट आरक्षियों को प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर संबोधित किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाला बल नहीं रही है, बल्कि यह एक जनहितकारी, तकनीकी रूप से दक्ष, संवेदनशील एवं उत्तरदायी सेवा संगठन के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने प्रशिक्षु आरक्षियों को उनके कर्तव्यों और दायित्वों के प्रति प्रेरित करते हुए पुलिस विभाग की वर्तमान कार्यशैली, अनुशासन और प्रशिक्षण की महत्ता को विस्तार से समझाया तथा बताया कि आज पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों के प्रति पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी निर्वहन करना होता है। उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग, भीड़ प्रबंधन एवं आपदा प्रतिक्रिया तथा नारी सम्मान व मिशन शक्ति अभियानों में सक्रिय सहभागिता जैसे प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एक आरक्षी सबसे निचले स्तर पर जनता से सीधे संपर्क में रहता है, इसलिए वही पुलिस व्यवस्था का चेहरा होता है और उसके आचरण से ही जनता पुलिस की छवि बनाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे पुलिस जीवन की मजबूत नींव है और प्रशिक्षण काल जितना सघन, गंभीर एवं व्यवहारिक होगा, सेवा उतनी ही प्रभावी और सशक्त होगी। आधुनिक अपराधों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अपराध अब केवल गली-मोहल्लों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर अपराध, बैंक धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए प्रत्येक पुलिसकर्मी का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। अंत में उन्होंने प्रशिक्षु आरक्षियों को निष्ठा, ईमानदारी, सेवा भाव, संवेदनशीलता और निरंतर सीखते रहने की भावना के साथ कार्य करने की शुभकामनाएं दीं।




















