हाथरस 05 जनवरी । साहित्य, संगीत और संस्कृति को समर्पित साहित्य संगीत संगम संस्था का 43वां वार्षिक समारोह रविवार को कैंट रोड स्थित एक होटल में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में हाथरस के वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी को श्री रघुनंदन सिंह चौहान स्मृति प्रतिभा प्रशस्ति सम्मान से विभूषित किया गया। वहीं सहित साहित्य, संगीत एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 18 विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
इस आयोजन का संयुक्त रूप से आयोजन चेतना इंडिया एवं डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय सामुदायिक रेडियो 90.4 ‘आगरा की आवाज’ द्वारा किया गया। समारोह का शुभारंभ पूजा तोमर द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना एवं नंदन द्वारा गणेश वंदना पर आधारित नृत्य से हुआ। सम्मानित होने वालों में वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल चतुर्वेदी के अलावा डॉ. रमा रश्मि, ईश्वर करुण, आरती हरि प्रसाद, प्रो. वंदना सिंह, प्रतिमा शाही, अरुण रावल, रेनू रावत तिवारी, अनुराधा शर्मा, लाल देवेंद्र श्रीवास्तव, मनीष राय, समाजसेवी मनोज मिश्र, हरे कृष्ण गुप्त, अजीत सिंह राठौर, मनोज मिश्रा, दिनेश शर्मा, वीरेंद्र भान गुप्ता और भारती शर्मा आदि शामिल रहे। सांस्कृतिक सत्र में सुशील सरित द्वारा प्रस्तुत व्यंग्य गीत “जय-जय जुगाड़बाजी” की नाट्य प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का संचालन दिनेश श्रीवास्तव, डॉ. नीरज स्वरूप और नीलेंद्र श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया, जबकि डॉ. राजेंद्र मिलन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार अरुण डंग, शशि गोयल, संस्था की संस्थापिका संतोष सक्सेना, सुभाष सक्सेना सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


















