
हाथरस 04 जनवरी । बलकेश्वर महादेव मंदिर, सर्कुलर रोड पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस कथा व्यास जगतगुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर, मलूक पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज के परम स्नेही शिष्य रसराज दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से अमृतवाणी की वर्षा करते हुए कहा कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है तो गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देना होगा और गौ सेवा से ही यह संकल्प पूर्ण होगा।
कथा के दौरान रसराज दास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि भगवान का जन्म मथुरा में हुआ, लेकिन वे गोकुल पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बाल लीलाओं के माध्यम से दुष्टों का संहार कर धर्म की स्थापना की। उन्होंने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म और अधर्म व्यक्ति के कर्मों पर निर्भर करता है—एक व्यक्ति गौ रक्षा के लिए शस्त्र उठाता है, वहीं दूसरा गौ हत्या के लिए। कथावाचक ने कहा कि सनातन संस्कृति में केवल गौ पालन ही नहीं, बल्कि समस्त जीवों के जीवन की रक्षा और संवर्धन का संकल्प निहित है। उन्होंने वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि समाज को अपने घर-परिवार से निकलकर गौ माता की सेवा के लिए आगे आना होगा। विशेष रूप से मातृशक्ति से आह्वान किया गया कि वे गौ सेवा का संकल्प लें और जन-जन तक इसका प्रचार करें। उन्होंने कहा कि जब मातृशक्ति गौ सेवा के लिए आगे आएगी, तब यह संकल्प शीघ्र ही पूर्ण होगा। आयोजकों ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का तृतीय दिवस कल दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ होकर हरि इच्छा तक चलेगा।
व्यवस्था में प्रमुख रूप से रहे
प्रेमचंद वर्मा, किशोरीरमन वर्मा, प्रवीन वार्ष्णेय, राधारमण वर्मा, राजू लाला, ओमप्रकाश वर्मा, नरेश वर्मा, कमल वर्मा, ओमप्रकाश बागड़ी, रमेश कूलवाल, मदन लाल वर्मा, पप्पन वर्मा, राजू वर्मा, राजकुमार वर्मा, महेश वर्मा, दिलीप वर्मा, बिंटू वर्मा, श्रीनाथ, अमित, बिपिन, विशाल, तरुण, अंकित, अरुण, गोपाल, राम वर्मा, टिंकू वर्मा, योगेश वर्मा, दाऊजी वर्मा, सचिन वर्मा, दाऊदयाल वर्मा, कृष्णा, बिपिन कांत, मनोज वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पर जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए।



















