
हाथरस 03 जनवरी । लगातार घने कोहरे और धूप न निकलने के कारण सादाबाद क्षेत्र के गांव कजरौठी सहित आसपास के इलाकों में आलू की फसल पर झुलसा रोग का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस रोग की चपेट में आने से आलू के पौधों की पत्तियां काली पड़ने लगी हैं और पौधों की बढ़वार रुक गई है, जिससे किसानों की चिंता गहराती जा रही है। कजरौठी गांव के विकास देशवाल, साहूकार सिंह पहलवान, सोनवीर सिंह, दुर्गेंद्र, दिनेश समेत कई किसानों की सैकड़ों बीघा आलू की फसल प्रभावित हो चुकी है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग द्वारा सुझाई गई दवाओं का समय पर छिड़काव करने के बावजूद झुलसा रोग पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। मौसम प्रतिकूल बने रहने के कारण फफूंद जनित यह रोग लगातार फैलता जा रहा है। कई किसान बार-बार दवाओं का छिड़काव कर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ और धूप नहीं निकली, तो आलू की पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों के अनुसार लगातार कोहरा और नमी बढ़ने से झुलसा रोग तेजी से फैलता है। इस रोग के कारण आलू के पौधों की पत्तियों पर काले व भूरे धब्बे बन जाते हैं, जो बाद में रूई जैसी फफूंद में बदल जाते हैं। इससे पौधे पीले पड़कर मुरझा जाते हैं और सूखने लगते हैं। आलू पर भी गहरे भूरे या बैंगनी रंग के धब्बे पड़ रहे हैं, जिससे अंदर सड़न और बदबू की समस्या पैदा हो रही है। कजरौठी के अलावा बिसावर, कुरसंडा सहित अन्य क्षेत्रों में भी यह रोग तेजी से फैल रहा है। गौरतलब है कि जिले में करीब 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की गई है। ऐसे में मौसम की मार और झुलसा रोग का बढ़ता प्रकोप किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। किसान प्रशासन और कृषि विभाग से समय पर मार्गदर्शन और प्रभावी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि फसल को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।















