
हाथरस 31 मार्च । जे.टी.आर.आई. लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-III की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। न्यायिक अधिकारियों के लिए सतत सीखने का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से आयोजित इस सत्र में डॉ. मिथुन घोष ने मेडिकल रिपोर्ट और चोट (Injury) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की।
डॉ. घोष ने बताया कि शरीर के किसी हिस्से को बाहरी बल, दुर्घटना, गिरने या किसी तेज वस्तु से पहुंचने वाला नुकसान ‘चोट’ की श्रेणी में आता है, जो मामूली खरोंच से लेकर गंभीर फ्रैक्चर तक हो सकती है। उन्होंने चोटों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित करते हुए उनके लक्षण और प्राथमिक उपचार के बारे में बताया। विशेष रूप से त्वचा की ऊपरी परत छिलने (खरोंच) जैसी मामूली चोटों और उनके चिकित्सकीय परीक्षण की बारीकियों से सभी को अवगत कराया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) बाबू राम, अपर जनपद न्यायाधीश महेन्द्र श्रीवास्तव, संगीता शर्मा, चित्रा शर्मा, हर्ष अग्रवाल, निर्भय नरायन राय, शैलेन्द्र सिंह, माधवी सिंह, महेन्द्र कुमार रावत व प्रशान्त कुमार मौजूद रहे। साथ ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जय हिन्द कुमार सिंह, सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) अनु चौधरी और सिविल जज (क.प्र.) हर्षिका रस्तोगी सहित अन्य न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।























