
हाथरस 08 नवम्बर । बिटिया बचाओ अभियान के सूत्रधार एवं पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र के नेतृत्व में छोटी दीपावली को ‘बेटी पर्व’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर भवतोष मिश्र सहित जिले के तमाम लोगों ने बेटियों की कुशलता, खुशहाली और प्रगति की कामना करते हुए व्रत रखा। कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका मार्केट स्थित शांति नर्सिंग होम में भर्ती तीन नवजात बेटियों को बेबी केयर किट प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त दो बेबी केयर किट नर्सिंग होम प्रबंधन को इस उद्देश्य से सौंपी गईं कि शनिवार या रविवार को अस्पताल में जन्म लेने वाली अन्य बेटियों को भी ये किट भेंट की जा सकें। इस अवसर पर महिला चिकित्सक डॉ. दीपिका शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया। पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र ने कहा कि दीपावली पर मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है और महिलाओं को घर की लक्ष्मी माना जाता है, लेकिन विडंबना है कि आज भी बेटियों और महिलाओं को दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों का सामना करना पड़ता है। जिस देश में वर्ष में दो बार नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्या पूजन की गौरवशाली परंपरा है, वहां ऐसी कुरीतियां सभ्य समाज के माथे पर कलंक हैं। इन्हें मिटाने के लिए बिटिया बचाओ अभियान को जनांदोलन में तब्दील करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ और हरतालिका तीज तथा संतान की लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत रखती हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर बेटियों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने तथा उनकी कुशलता एवं प्रगति की कामना के उद्देश्य से उन्होंने कई वर्ष पूर्व छोटी दीपावली को बेटी पर्व के रूप में मनाने और व्रत रखने की शुरुआत की थी। यह परंपरा लगातार जारी है। कार्यक्रम में नेत्र चिकित्सक डॉ. राजेश गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका शर्मा, प्रमुख समाजसेवी एवं व्यापारी नेता संदीप दीपक, दुर्गा प्रसाद पोरवाल एडवोकेट तथा व्यापारी नेता हरिमोहन शर्मा गुरुजी ने बिटिया बचाओ अभियान की सराहना करते हुए इसमें पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। शांति नर्सिंग होम में जिन माताओं ने नवजात बेटियों को जन्म दिया, उनमें मंडी समिति निवासी रितु, महमदपुर निवासी एवं वर्तमान में खंदारी गढ़ी में रह रहीं मुन्तिशा तथा जलेसर निवासी राखी शामिल हैं। इस दौरान प्रेमलता, सचिन सूर्यवंशी और हिमांशी मुख्य रूप से मौजूद रहे।





