
सादाबाद (सहपऊ) 07 नवंबर। बिटिया बचाओ अभियान के सूत्रधार एवं पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र के नेतृत्व में छोटी दीपावली को बेटी पर्व के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र सहित जिले के तमाम लोगों ने बेटियों की कुशलता, उज्ज्वल भविष्य और प्रगति की कामना करते हुए व्रत रखा। नगर पालिका मार्केट स्थित शांति नर्सिंग होम में भर्ती तीन नवजात बेटियों को बेबी केयर किट प्रदान की गईं। इसके साथ ही दो अतिरिक्त बेबी केयर किट नर्सिंग होम को इस उद्देश्य से सौंपी गईं कि शनिवार या रविवार को अस्पताल में जन्म लेने वाली अन्य बेटियों को भी ये किट उपलब्ध कराई जा सकें। इस दौरान महिला चिकित्सक डॉ. दीपिका शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र ने कहा कि दीपावली पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और महिलाओं को गृहलक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद आज भी तमाम बेटियों और महिलाओं को दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों का सामना करना पड़ता है। जिस देश में वर्ष में दो बार नवरात्रि के पावन अवसर पर कन्या पूजन की गौरवशाली परंपरा है, वहां ऐसी कुरीतियां सभ्य समाज के माथे पर कलंक हैं। इन्हें समाप्त करने के लिए बिटिया बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ और हरतालिका तीज तथा संतान की लंबी आयु के लिए अहोई अष्टमी का निर्जला व्रत रखती हैं। इसी भावना से बेटियों के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करने तथा उनकी कुशलता एवं प्रगति की कामना के उद्देश्य से उन्होंने कई वर्ष पूर्व छोटी दीपावली को बेटी पर्व के रूप में मनाते हुए व्रत रखने की परंपरा शुरू की थी, जो लगातार जारी है। इस अवसर पर नेत्र चिकित्सक डॉ. राजेश गौतम, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका शर्मा, प्रमुख समाजसेवी एवं व्यापारी नेता संदीप दीपक, दुर्गा प्रसाद पोरवाल एडवोकेट और व्यापारी नेता हरिमोहन शर्मा गुरुजी ने बिटिया बचाओ अभियान की सराहना करते हुए इसमें पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। जिन माताओं ने नवजात बेटियों को जन्म दिया, उनमें मंडी समिति निवासी रितु, महमदपुर निवासी एवं वर्तमान में खंदारी गढ़ी में रह रहीं मुन्तिशा तथा जलेसर निवासी राखी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रेमलता, सचिन सूर्यवंशी और हिमांशी सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।








