मथुरा 07 नवंबर। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी, मथुरा के दो प्राध्यापकों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अकादमिक और शोध प्रतिभा का परिचय देते हुए संस्थान का गौरव बढ़ाया है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में आयोजित तृतीय अंतरराष्ट्रीय बहुविषयक शोध एवं अभ्यास सम्मेलन (आईसीएमआरपी-2026) में संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर कुलदीप सिंह और लक्ष्मीकांत को प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में फार्माकोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर कुलदीप सिंह को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार-2026 तथा फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर लक्ष्मीकांत को युवा शिक्षाविद् पुरस्कार-2026 प्रदान किया गया। कुलदीप सिंह को यह सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के हाथों प्राप्त हुआ। दोनों शिक्षकों को उनके विषयगत योगदान, शोध कार्यों और अकादमिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में देश-विदेश के विभिन्न विषयों से जुड़े शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने सहभागिता की। ऐसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजीव एकेडमी के दोनों शिक्षकों को सम्मान मिलना संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध संस्कृति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है। इस उपलब्धि पर दोनों शिक्षकों ने संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) हिमांशु चोपड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर सहयोग ने उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं शोध कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने सम्मेलन के आयोजकों, वरिष्ठ शिक्षकों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों का भी धन्यवाद किया।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने दोनों शिक्षकों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान उसके विद्यार्थियों के साथ-साथ उसके शिक्षकों की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध क्षमता और नवाचार से बनती है। कुलदीप सिंह और लक्ष्मीकांत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान संस्थान के लिए गर्व का विषय है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ शिक्षकों को भी शोध, नवाचार और अकादमिक विकास के लिए निरंतर प्रोत्साहित करना है। दोनों शिक्षकों की यह उपलब्धि अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। दोनों शिक्षकों की इस उल्लेखनीय सफलता पर संस्थान के प्रबंधन, निदेशक, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







