
सासनी 06 नवंबर। आर्य समाज द्वारा संचालित दयानंद बाल मंदिर, दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में दीपोत्सव कार्यक्रम के तहत दीप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने पारंपरिक दीपों को आकर्षक रंगों एवं सजावटी सामग्रियों से सजाकर मनमोहक रूप प्रदान किए। निर्णायकों ने दीपों की सजावट, स्वच्छता, रंग-संयोजन एवं रचनात्मकता के आधार पर विजेताओं का चयन किया, जिसमें कक्षा चार की परी ने प्रथम, कक्षा तीन की विनी ने द्वितीय तथा कक्षा एक की यशवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं दक्ष शर्मा एवं ऋषभ कुशवाहा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक डॉ. अमित भार्गव ने विजेता एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने दीपावली के पांच दिवसीय पर्व के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दीपावली हमारी प्राचीन संस्कृति का प्रतीक है। मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। दीपावली अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देती है। उन्होंने सभी से पर्व को प्रेम, भाईचारे एवं हर्षोल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया। विद्या भूषण गर्ग ने भी बच्चों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। वहीं आर्य समाज मंत्री वेद प्रकाश भार्गव ने आर्य समाज एवं विद्यालय परिवार की ओर से सभी को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना शर्मा, उषा गुप्ता, विद्यालय परिवार के सदस्य, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।









