
हाथरस 02 नवंबर। साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को इधर-उधर भेजने के लिए म्यूल खातों के इस्तेमाल का एक और मामला हाथरस में सामने आया है। देश के 16 राज्यों में हुई साइबर ठगी से प्राप्त करीब 10 लाख 31 हजार 100 रुपये हाथरस की एक फर्म के बैंक खाते में पहुंचने का मामला सामने आया है। वित्तीय खुफिया इकाई और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर साइबर क्राइम थाने में फर्म संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय के अधीन फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (एफआईयू-इंडिया) की ओर से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन रिपोर्ट (एसटीआर) प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर साइबर क्राइम थाने की टीम ने जांच की तो एनसीआरबी पोर्टल पर संबंधित बैंक खाते से जुड़ी 16 राज्यों की 16 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आईं। दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना, गुजरात और केरल सहित 16 राज्यों से करीब 10,31,100 रुपये इस खाते में आने की जानकारी मिली है।
साइबर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, मंडी समिति, अलीगढ़ रोड स्थित यूको बैंक में जय दुर्गे ट्रेडर्स के नाम से एक खाता संचालित है। यह खाता नगला अलगर्जी निवासी अशोक कुमार सिंह के नाम पर बताया गया है। खाते के पते में सोखना और देवीनगर का भी उल्लेख है, जबकि ये तीनों अलग-अलग गांव हैं। जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों द्वारा कथित तौर पर इस खाते में ठगी की रकम भेजी जाती थी। आरोप है कि खाताधारक को इसके बदले कमीशन मिलता था और वह रकम को व्यापारिक लेन-देन के रूप में दर्शाकर आगे दूसरे खातों में भेजता था। पुलिस फर्म संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पिछले छह महीने के दौरान हाथरस जिले में म्यूल खातों से जुड़े चार मामले सामने आ चुके हैं। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। पुलिस खाते में आए धन के स्रोत, आगे किए गए लेन-देन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।







