
हाथरस 02 नवंबर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल एवं मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के नेतृत्व में आज विकासखंड सासनी में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। खंड विकास अधिकारी अनुज मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ आमजन तक पहुंचाने और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संरक्षणात्मक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का उचित पालन-पोषण सुनिश्चित करने, उन्हें हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने तथा बाल विवाह की रोकथाम के लिए गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए। खंड विकास अधिकारी ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आवेदन के लिए पात्र लोगों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), दत्तक ग्रहण योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल श्रम की रोकथाम और रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष सहित विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बढ़ाई गई धनराशि के बारे में बताया कि अब छह श्रेणियों में पात्र बालिकाओं को कुल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। इसके अंतर्गत बालिका के जन्म पर प्रथम श्रेणी में 5 हजार रुपये, एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण के बाद द्वितीय श्रेणी में 2 हजार रुपये, कक्षा एक में प्रवेश पर तृतीय श्रेणी में 3 हजार रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर चतुर्थ श्रेणी में 3 हजार रुपये, कक्षा नौ में प्रवेश पर पंचम श्रेणी में 5 हजार रुपये तथा कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या दो वर्षीय अथवा उससे अधिक अवधि के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर षष्ठम श्रेणी में 7 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाने का प्रावधान है।
खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी और बालक-बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया। आईसीडीएस विभाग की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी स्मृति दुबे ने मातृ वंदना योजना के बारे में बताया। उन्होंने ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय करने और उनकी नियमित बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि अगली ब्लॉक स्तरीय त्रैमासिक बैठक में सुरक्षा एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली श्रेणी में आने वाले बच्चों को चिह्नित कर उनकी कार्यवृत्ति प्रस्तुत की जाएगी। वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर मनीषा भारद्वाज ने केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम 2013 यानी पॉश एक्ट के प्रावधानों तथा केंद्र में आने वाले मामलों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। सहायक विकास अधिकारी पंचायत दिनेश कुमार ने ग्राम पंचायत स्तर पर महिला सभा और बाल सभा के आयोजन तथा उनकी उपयोगिता के बारे में बताया। बैठक में सहायक विकास अधिकारी भूपेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक अजब सिंह, मुख्य सेविका कुर्क्की रानी, आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाह और विकासखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।









