
हाथरस 1 नवंबर। आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने, जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस के तत्वावधान में दाऊजी महाराज मेला पंडाल स्थित पद्मश्री काका हाथरसी स्मृति मंच पर मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिला न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा सहित अपर जनपद न्यायाधीश एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने के साथ उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं अपर जनपद न्यायाधीशों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर कन्या इंटर कॉलेज पुरदिलनगर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया। मंचासीन अतिथियों का पौधे भेंटकर स्वागत किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और मेगा शिविर के उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। सूरजूबाई कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। वहीं कन्या इंटर कॉलेज सासनी की छात्राओं ने मनमोहक लोकनृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। शिविर के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित 600 स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ-आरएफ एवं स्टार्टअप सहायता के तहत कुल 9.61 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया गया। कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत हार्वेस्टर एवं कंबाइन हार्वेस्टर से संबंधित लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। वहीं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय ने कहा कि मेगा विधिक सहायता शिविर का प्रमुख उद्देश्य आम नागरिकों, गरीबों और जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। आर्थिक तंगी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराता है। जो व्यक्ति अधिवक्ता की फीस देने में सक्षम नहीं हैं, वे जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कोर्ट फीस से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है। जो लोग सरकारी योजनाओं के आवेदन पत्र भरने या उनसे संबंधित जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ हैं, उन्हें भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता पर जोर देते हुए जिला न्यायाधीश ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की भावना समाप्त होनी चाहिए। बेटियों को भी समान अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को नशे और बुरी संगत से दूर रखने तथा उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने का आह्वान किया। उन्होंने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश देने वाली छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है और न्यायिक व्यवस्था में निर्णय विधिक प्रावधानों के अनुरूप ही लिए जाते हैं। उन्होंने आमजन से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर निःशुल्क कानूनी सहायता एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की अपील की।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न नियमों के प्रति जागरूक करना, जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में न्याय विभाग के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिससे आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित जानकारी और सहायता उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन और प्रशासन का प्रयास है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो और उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने शिविर में चयनित लाभार्थियों को सम्मानित किए जाने की भी सराहना की। कार्यक्रम में समस्त अपर जनपद न्यायाधीश, जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, हाथरस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, लाभार्थी तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
हाथरस में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन, हजारों लाभार्थियों को योजनाओं से किया लाभान्वित
दाऊजी मेला पंडाल में लगा मेगा विधिक सहायता शिविर, पात्रों को मिले सरकारी योजनाओं के लाभ
आर्थिक तंगी के कारण कोई न्याय से वंचित न रहे: जिला न्यायाधीश विनय कुमार
हाथरस में विधिक सेवा शिविर के जरिए जरूरतमंदों को मिला न्याय और सरकारी योजनाओं का सहारा
600 स्वयं सहायता समूहों को 9.61 लाख की सहायता, दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण
जिला न्यायाधीश और डीएम ने किया मेगा विधिक सहायता शिविर का शुभारंभ, लाभार्थियों को बांटे प्रमाण पत्र







