गर्भवती सुनीता की मौत के मामले में सीएमओ ने गठित की दो सदस्यीय जांच कमेटी, तीन दिन में मांगी रिपोर्ट

हाथरस 31 अक्टूबर। चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव कुम्हरई में झोलाछाप द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद गर्भवती महिला की हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने एसीएमओ की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी को तीन दिन के अंदर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार गांव कुम्हरई निवासी राजन सिंह पुलिस विभाग में चौकीदार हैं। उन्होंने अपनी 25 वर्षीय बेटी सुनीता की शादी 21 अप्रैल को अलीगढ़ जिले के इगलास कोतवाली क्षेत्र के गांव नौगवां निवासी लाखन के साथ की थी। सुनीता करीब साढ़े चार महीने की गर्भवती थी। बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। सर्दी-जुकाम से पीड़ित होने के कारण वह अपने मायके गांव कुम्हरई आ गई थी।
शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे गांव के ही एक झोलाछाप के पास दवा दिलाने के लिए ले गए थे। आरोप है कि वहां झोलाछाप ने सुनीता को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। घबराए परिजन आनन-फानन में उसे शहर के बागला संयुक्त जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सुनीता की मौत के बाद परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। वहीं, शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम जब गांव पहुंची तो उससे पहले ही कथित झोलाछाप अपना क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने एसीएमओ डॉ. मधुर कुमार की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में डॉ. आरएन सिंह को सदस्य नामित किया गया है। सीएमओ ने जांच टीम को तीन दिन के अंदर पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अब जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और झोलाछाप की भूमिका कितनी जिम्मेदार थी।





