
हाथरस 29 अक्टूबर। हाथरस की पॉक्सो अदालत ने 15 वर्षीय नाबालिग नातिन से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद 80 वर्षीय दादा की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में पीड़िता के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। मामला सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय किशोरी ने 22 अगस्त को अपने दादा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। किशोरी ने बताया था कि उसकी मां का निधन हो चुका है और वह अपने पिता व दादा के साथ रहती थी। आरोप है कि पिता के काम पर चले जाने के बाद दादा उसके साथ गलत काम करते थे और कई बार दुष्कर्म किया गया।
एक दिन पेट में असहनीय दर्द होने पर किशोरी ने अपनी चाची को घटना के बारे में बताया। इसके बाद जांच कराई गई तो उसके दो महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दादा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी 80 वर्ष का वृद्ध है और पीड़िता उसकी सगी नातिन है। प्राथमिकी में घटना का समय और स्थान स्पष्ट नहीं होने तथा स्वतंत्र चश्मदीद गवाह न होने को भी जमानत के पक्ष में आधार बनाया गया। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए पीड़िता के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों का उल्लेख किया। दोनों पक्षों के तर्कों और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ अपराध की गंभीर प्रकृति पर विचार करने के बाद पॉक्सो अदालत ने आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।










