
हाथरस 29 अक्टूबर। नगर पालिका परिषद हाथरस में गृहकर और जलकर की वसूली की रफ्तार धीमी बनी हुई है। ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दिए जाने के बावजूद आम लोगों और सरकारी विभागों की ओर से बकाया कर जमा करने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। नगर पालिका के अनुसार, शहर के आम नागरिकों और सरकारी भवनों पर मिलाकर करीब 5.5 करोड़ रुपये का गृहकर-जलकर बकाया है। नगर निकायों में बकाया कर जमा कराने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक संचालित की जा रही है। योजना के तहत 15 नवंबर तक आवेदन किया जा सकता है, जबकि बकाया धनराशि जमा करने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। नगर पालिका परिषद हाथरस में अब तक केवल 42 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 18 लोगों ने कुल 4 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए हैं। पालिका के टैक्स कलेक्टर लगातार क्षेत्रों में जाकर बकायेदारों से संपर्क कर रहे हैं। वहीं, बकाया कर जमा कराने के लिए सरकारी विभागों को भी पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन वसूली की स्थिति में अभी तक खास सुधार नहीं हुआ है।
नगर पालिका की सीमा में आने वाले सरकारी भवनों पर करीब तीन करोड़ रुपये का गृहकर और जलकर बकाया है। इनमें कृषि उत्पादन मंडी समिति पर सबसे अधिक करीब 1.10 करोड़ रुपये बकाया बताए गए हैं। मंडी प्रशासन ने पिछले वर्ष अपने अधीन भवनों का किराया जमा कराया था, लेकिन आवंटित दुकानों पर लगाए गए कर को जमा करने से इन्कार कर दिया। वहीं, वर्ष 2016 में हुए जीआईएस सर्वे के बाद से रेलवे पर करीब 90 लाख रुपये का बकाया बताया गया है। इसके अलावा विद्युत विभाग, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, पुलिस विभाग, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और श्रम विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों पर भी कर बकाया है। नगर पालिका के अनुसार, इनमें से कुछ ही विभाग नियमित रूप से कर जमा कर रहे हैं।
शहर के रिहायशी और व्यावसायिक भवनों पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का गृहकर-जलकर बकाया है। नगर पालिका हर साल करीब 32 हजार कर बिल जारी करती है। इनमें आवासीय भवनों के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। पालिका के मुताबिक, शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों, बड़े होटलों, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगभग 1.46 करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें शीर्ष 10 बकायेदारों पर ही नगर पालिका का 61.10 लाख रुपये का कर बाकी है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि ओटीएस योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन बकायेदार अपेक्षित रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है। गृहकर और जलकर जमा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों को अंतिम डिमांड नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी विभागों से भी लगातार पत्राचार किया जा रहा है।










