
हाथरस 27 अक्टूबर। हाथरस के विकास, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहरवासियों को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अलीगढ़ रोड स्थित गंग नहर की पटरियों को पक्का कर बाईपास मार्ग एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की पहल की गई है। प्रस्ताव में नहर के किनारों के सौंदर्यीकरण के साथ हरियाली, बैठने की व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, रंगीन प्रकाश व्यवस्था और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, हाथरस में परिवारों के घूमने-फिरने और सार्वजनिक रूप से समय बिताने के लिए एक सुव्यवस्थित स्थल विकसित करने की आवश्यकता है। अलीगढ़ रोड स्थित गंग नहर के आसपास की भूमि और पटरियों का योजनाबद्ध विकास इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है। यदि नहर के किनारों को तकनीकी मानकों के अनुरूप पक्का कर विकसित किया जाए, तो यहां स्थानीय लोगों के साथ आसपास के जनपदों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकता है।
इस योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। पर्यटन स्थल विकसित होने से छोटे दुकानदारों, व्यवसायियों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट कारोबारियों और परिवहन सेवा प्रदाताओं को लाभ मिल सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव में गंग नहर के किनारे बाईपास मार्ग विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। इसके निर्माण से शहर के अंदर यातायात का दबाव कम करने और लोगों को आवागमन में सुविधा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए संबंधित विभागों की तकनीकी जांच, भूमि की उपलब्धता, नहर की सुरक्षा और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े पहलुओं का परीक्षण आवश्यक होगा। ज्ञापन में बुलंदशहर और कासगंज की नहरों के किनारे विकसित स्थलों का उदाहरण देते हुए हाथरस में भी इसी तरह की योजना तैयार करने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के तहत नहर किनारे हरित क्षेत्र, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य जनोपयोगी व्यवस्थाएं विकसित करने की बात कही गई है।
जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि हाथरस के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए गंग नहर की पटरियों को पक्का करने, बाईपास मार्ग विकसित करने और इसे पर्यटन स्थल के रूप में तैयार करने की संभावनाओं पर प्राथमिकता से विचार किया जाए। प्रस्ताव में इसे शहरवासियों के मनोरंजन, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया है। इस ज्ञापन पर राजीव वार्ष्णेय (संस्थापक एवं अध्यक्ष), राजेंद्र वार्ष्णेय (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), कृष्ण गोपाल ‘केजी’ (नगर महामंत्री), श्याम सुंदर माहेश्वरी (संरक्षक), सुनील वर्मा एडवोकेट (लीगल एडवाइजर) और लोकेश अग्रवाल (जिला कोषाध्यक्ष) के नाम अंकित हैं। ज्ञापन की दिनांक 27 अक्टूबर 2026 है।








