
हाथरस 17 अक्टूबर । रावण दहन एवं दशहरा मेले के अवसर पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए हाथरस पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और यातायात प्रतिबंधों की घोषणा की है। दशहरा मेला 20 अक्टूबर 2026 को आगरा रोड स्थित प्रेमरघु हॉस्पिटल के सामने मैदान में आयोजित होगा। इसके मद्देनजर 20 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मेला समाप्ति तक निर्धारित मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव लागू रहेगा। पुलिस द्वारा जारी यातायात निर्देशों के अनुसार, चामड़ गेट की ओर से आने वाले बड़े और मध्यम वाहन डीआरबी तिराहा से रोडवेज बस स्टैंड, मधुगढ़ी तिराहा, इगलास फाटक और हाथीसा बाईपास होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। वहीं, आगरा की ओर से आने वाले बड़े और मध्यम वाहन नगला भुस तिराहा, थाना चंदपा से बाईपास होते हुए हाथीसा पुल के रास्ते मथुरा, अलीगढ़ और कासगंज की ओर जा सकेंगे।
अलीगढ़ की ओर से आने वाले बड़े और मध्यम वाहनों को रूहेरी तिराहा, कोतवाली हाथरस गेट से मथुरा-बरेली हाईवे के रास्ते मथुरा और आगरा की ओर भेजा जाएगा। इसी तरह सिकंदराराऊ की ओर से आने वाले बड़े और मध्यम वाहन मड़ू बाईपास, कोतवाली हाथरस जंक्शन से बरेली बाईपास होते हुए रूहेरी बाईपास और हाथीसा पुल के रास्ते अलीगढ़, मथुरा और आगरा की ओर जाएंगे। मथुरा की ओर से आने वाले बड़े और मध्यम वाहन हाथीसा पुल के ऊपर से बाईपास मार्ग का उपयोग करते हुए आगरा, अलीगढ़ और सिकंदराराऊ की ओर जा सकेंगे। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित डायवर्जन मार्गों का पालन करने की अपील की है, ताकि मेले के दौरान यातायात बाधित न हो।
यातायात पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से मेला समाप्त होने तक आगरा रोड स्थित पुलिस चौकी (बंबा) से गिजरौली ब्लॉक तक सभी प्रकार के छोटे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसमें मोटरसाइकिल, कार और छोटे लोडिंग वाहन भी शामिल हैं। इस अवधि में वाहन चालकों को प्रतिबंधित मार्ग पर जाने से बचना होगा और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों, जैसे एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों को आवश्यकतानुसार निर्धारित रूट के अनुसार आवागमन की अनुमति दी जाएगी। हाथरस पुलिस ने आमजन से अपील की है कि दशहरा मेले के दौरान यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित डायवर्जन मार्गों का उपयोग करें और पुलिसकर्मियों का सहयोग करें, जिससे रावण दहन एवं दशहरा मेले का आयोजन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।







