हाथरस 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन-2026 को सकुशल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज में निर्वाचन कार्मिकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्वाचन प्रक्रिया की बारीकियों को समझने और सभी निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन में मतदान की प्रक्रिया सामान्य निर्वाचन से अलग होती है। इसमें ईवीएम के स्थान पर मतपत्र के माध्यम से मतदान कराया जाता है। इसलिए सभी निर्वाचन कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का भली-भांति अध्ययन करें, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मतपत्र पर मत अंकित करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। मतदाताओं को मत अंकित करने के लिए निर्धारित पेन उपलब्ध कराया जाएगा और मतदान कार्मिक यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता उसी पेन का प्रयोग करें। किसी अन्य पेन या साधन का उपयोग नहीं होने दिया जाए। उन्होंने मतदान की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर किसी को भी मतपत्र की फोटो खींचने या किसी अन्य माध्यम से गोपनीयता भंग करने की अनुमति नहीं होगी। मतदान कार्मिक यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अथवा प्रतिबंधित सामग्री लेकर मतदान केंद्र में प्रवेश न करे।
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान के दौरान प्रत्येक मतदाता की पहचान एवं पात्रता का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति दूसरे मतदाता के नाम पर मतदान न कर सके। सभी मतदान कार्मिक पहचान संबंधी निर्धारित नियमों का पालन करें। उन्होंने मतदान केंद्र पर तरल पदार्थ अथवा ऐसी किसी वस्तु को ले जाने से रोकने के निर्देश दिए, जिसका इस्तेमाल मतपत्र या मतपेटिका को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने और मतदान केंद्रों पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों एवं पुलिस बल के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने मतपेटिकाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सील करने और निर्वाचन सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्धारित संग्रहण स्थल तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का अपना महत्व है। इसलिए किसी भी प्रकार की शंका होने पर प्रशिक्षण के दौरान ही उसका समाधान कर लिया जाए। प्रशिक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने माइक्रो ऑब्जर्वरों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदान प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान समय से शुरू होने, मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए और निर्धारित चेकलिस्ट सावधानीपूर्वक भरी जाए। माइक्रो ऑब्जर्वर अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 22 अक्टूबर को स्पोर्ट्स स्टेडियम से पोलिंग पार्टियों की रवानगी होगी। इसके अगले दिन, 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियां पुलिस सुरक्षा में निर्धारित संग्रहण स्थल पर लौटेंगी, जहां निर्वाचन सामग्री एवं मतपेटिकाओं को नियमानुसार जमा कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विधान परिषद शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएंगे। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो ऑब्जर्वर तथा निर्वाचन संबंधी अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।






