सादाबाद 16 अक्टूबर । राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज के शिव शक्ति भवन में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की अनेक किसान महिलाओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर राजयोगिनी भावना दीदी ने किसान महिलाओं को सम्मानित किया तथा उपहार भेंट कर उनके योगदान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी भावना दीदी ने कहा कि किसान महिलाएं देश की कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। वे खेतों में मेहनत करने के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। अन्न उत्पादन से लेकर परिवार के पालन-पोषण तक, उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसान महिलाओं का परिश्रम केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे समाज के जीवन को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाता है। भावना दीदी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना और उनके योगदान को पहचानना हम सभी का दायित्व है। महिलाएं अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए परिवार और समाज को आगे बढ़ाती हैं। यदि उन्हें उचित सम्मान, प्रोत्साहन और सहयोग मिले, तो वे हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि शारीरिक मेहनत के साथ-साथ मन को शक्तिशाली और सकारात्मक रखना भी आवश्यक है। राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से मन में शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मकता का विकास होता है। जब मन शांत और शक्तिशाली होता है, तो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना भी धैर्य और समझदारी से कर सकता है। किसान बहनें अपने जीवन में आध्यात्मिकता और सकारात्मक चिंतन को अपनाकर आंतरिक शक्ति का अनुभव कर सकती हैं। इस अवसर पर भावना दीदी ने उपस्थित सभी किसान महिलाओं का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गंगा देवी मोनिया, मोनश्री, रमा, मिथिलेश, सरोज देवी, माया देवी, देवकी, बेबी, केला देवी, उमा सहित अनेक किसान महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य किसान महिलाओं के परिश्रम, समर्पण और समाज के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देना तथा उन्हें सकारात्मक जीवनशैली एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण के प्रति प्रेरित करना रहा।






