
हाथरस 16 अक्टूबर । स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने जिले में अनफिट, बिना फिटनेस और बिना परमिट के संचालित हो रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 76 स्कूली वाहनों के पंजीकरण निलंबित किए गए, जबकि तीन वाहनों के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए। इसके अलावा 96 वाहनों के चालान काटे गए और 52 वाहनों को सीज किया गया है। जिले में 212 स्कूलों में कुल 615 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं, जिनमें छह अनुबंधित वाहन भी शामिल हैं। परिवहन विभाग की जांच और निरीक्षण के दौरान 98 स्कूली वाहन ऐसे पाए गए, जो सड़क पर संचालन के योग्य नहीं थे। इन वाहनों की स्थिति को देखते हुए विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं, अनफिट और बिना परमिट के वाहन संचालित करने के मामले में 198 स्कूल संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित होते पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ आगे भी पंजीकरण निरस्त करने और वाहन सीज करने जैसी कार्रवाई जारी रहेगी।
डीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मानकों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच के साथ-साथ चालक और परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण तथा निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही पूर्व में स्कूली वाहनों से हुई दुर्घटनाओं की जांच कर संबंधित मामलों की रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
नियमों की अनदेखी पर नहीं मिलेगी राहत
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मामले में लापरवाही बरतने वाले स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों पर प्रशासन की नजर है। अब यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले सभी वाहन फिटनेस, परमिट और सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों का पालन करें, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।










