
हाथरस 16 अक्टूबर । कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा शासन की मंशा के अनुरूप पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देना जरूरी है। कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसान सामूहिक रूप से अपनी उपज का संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन कर सकते हैं, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने एफपीओ के सामने आने वाली वित्तीय स्थिरता, कृषि निवेश की उपलब्धता, बाजार तक पहुंच और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए मुख्य विकास अधिकारी को विशेष कार्यशाला आयोजित कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जनपद में संचालित एफपीओ की नियमित समीक्षा करने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अधिक से अधिक किसानों को एफपीओ से जोड़ने तथा उन्हें कृषि निवेश, उन्नत कृषि तकनीक, कृषि यंत्रों और विपणन सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को सामूहिक प्रयासों के माध्यम से उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने किसानों को योजना के प्रति जागरूक करने और उन्हें इसका लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को योजना की पात्रता, बीमित फसलों, आवेदन की निर्धारित समय-सीमा, बीमा प्रीमियम और फसल क्षति की स्थिति में दावा प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी समय से उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही फसल क्षति से संबंधित शिकायतों और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने को कहा। बैठक में गैर-ऋणी किसानों के आवेदनों तथा नॉन-डिजिटलाइज्ड एफआरए (FRA) क्षेत्रों से संबंधित आवेदनों की जांच की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
बैठक में किसान समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार जैसवाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के साथ प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से किसान बिचौलियों पर निर्भरता कम करके अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों की समस्याओं के समाधान और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव भी दिया। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों ने अपने विचार साझा किए और कृषि क्षेत्र में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने से संबंधित जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, एपीओ, एआर कोऑपरेटिव, लीड बैंक मैनेजर, जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।










