
हाथरस 15 अक्टूबर । शहर के बीचों-बीच स्थित खातीखाना बाजार में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आगरा से आई सीजीएसटी (CGST) की टीम ने एक लोहा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान व्यापारी और टीम के सदस्यों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते आसपास के व्यापारी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। सीजीएसटी टीम पर आरोप है कि वह गलत फर्म पर चले गए और टीम के लोगों ने उनके साथ बदतमीजी और हाथापाई की है। व्यापारियों ने टीम पर बदसलूकी, मारपीट और मोबाइल फोन छीनने के आरोप भी लगाए। घटना के विरोध में खातीखाना सहित आसपास के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और व्यापारियों ने नारेबाजी की।
व्यापारी ने लगाए मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोप
लोहा व्यापारी सुबोध अग्रवाल उर्फ डब्बू लोहिया ने आरोप लगाया कि सीजीएसटी की टीम तीन गाड़ियों से उनके प्रतिष्ठान पर पहुंची थी। उनके मुताबिक, टीम के सदस्यों ने शुरुआत में अपना परिचय नहीं दिया और कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए उनके मोबाइल फोन छीन लिए। व्यापारी ने अपने साथ भी हाथापाई किए जाने तथा मोबाइल और कागजात जब्त किए जाने का आरोप लगाया।
सर्च वारंट को लेकर बढ़ा विवाद
व्यापारी के अनुसार, उन्होंने कार्रवाई करने आई टीम से सर्च वारंट दिखाने को कहा था, लेकिन शुरुआत में वारंट नहीं दिखाया गया। आरोप है कि करीब आधे घंटे बाद जो वारंट दिखाया गया, वह उनकी फर्म के नाम पर नहीं था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और बाजार के अन्य व्यापारी भी मौके पर एकत्र हो गए। देखते ही देखते हंगामा शुरू हो गया।
व्यापारियों ने किया विरोध, आसपास के बाजारों पर भी असर
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। वहीं, व्यापारियों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दीपावली से पहले व्यापारिक गतिविधियां चरम पर रहती हैं। ऐसे समय में इस तरह की कार्रवाई से व्यापार प्रभावित होता है और व्यापारियों में असंतोष पैदा होता है। घटना के विरोध में खातीखाना बाजार के अलावा आसपास के बाजारों में भी दुकानें बंद होने की सूचना सामने आई। व्यापारियों ने सीजीएसटी टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि वे किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।
CGST अधिकारियों ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, सीजीएसटी अधिकारियों ने व्यापारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इस तरह दोनों पक्षों के बीच कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। फिलहाल, घटना में लगाए गए आरोपों और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में सर्च वारंट, कार्रवाई की प्रक्रिया और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







