मथुरा 15 अक्टूबर । मथुरा के केडी डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नवागंतुक बीडीएस एवं एमडीएस छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इससे पहले चंद्रोदय मंदिर के अनिरुद्ध बलराम प्रभु, रणछोड़ प्रभु, अभय कुमार, आयुष कुमार आदि द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नराहिमा हवन कराया गया ताकि छात्र-छात्राएं अच्छे वातावरण में अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें एक कुशल, संवेदनशील और सेवाभावी दंत चिकित्सक बनने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं केडी विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल ने नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि केडी डेंटल कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक परिवार है। इस परिवार का हिस्सा बनना प्रसन्नता की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि अच्छे चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करने का लक्ष्य निर्धारित करें।
केडी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा ज्ञान, कौशल, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं का संगम है। एक अच्छे चिकित्सक की पहचान केवल उसकी विशेषज्ञता से नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति उसके व्यवहार, सेवा भावना और जिम्मेदारी से भी होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने शैक्षणिक जीवन में मेहनत, ईमानदारी और समयबद्धता को प्राथमिकता दें। शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाते हुए निरंतर नई तकनीकों और चिकित्सा पद्धतियों का ज्ञान अर्जित करें। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा विकसित करनी चाहिए और भविष्य में समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान देना चाहिए। केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी ने विद्यार्थियों को उनकी नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कॉलेज में प्रवेश उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब उनके सामने न केवल विषयों का गहन अध्ययन करने, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, नैदानिक कौशल और पेशेवर जिम्मेदारियों को समझने की चुनौती भी है। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान और नवीन उपचार पद्धतियों के प्रति जिज्ञासु बने रहना चाहिए। डॉ. लाहौरी ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की वास्तविक सफलता तभी है, जब विद्यार्थी अपने ज्ञान का उपयोग मरीजों के हित में करें। प्रत्येक मरीज की समस्या को गंभीरता से सुनना, उसकी स्थिति को समझना, उचित परामर्श देना और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना एक अच्छे चिकित्सक के आवश्यक गुण हैं।
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. नवप्रीत कौर ने संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, फैकल्टी सदस्यों, पाठ्यक्रमों, नियमों तथा विभिन्न शैक्षणिक, सह-पाठ्यचर्या और पाठ्येतर गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सीखने, अपनी क्षमताओं का विकास करने और पेशेवर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने नवागंतुक छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। डॉ. कौर ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संवेदनशीलता को भी आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि केडी डेंटल कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी फैकल्टी और व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को कुशल दंत चिकित्सक बनने में सहायता प्रदान करेंगे। ओरिएंटेशन सत्र के दौरान विद्यार्थियों को कॉलेज की कार्यप्रणाली और आगे मिलने वाले शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों को समझने का अवसर मिला। नवागंतुक छात्र-छात्राओं ने अपना परिचय भी दिया, जिससे कार्यक्रम में आत्मीय और उत्साहपूर्ण वातावरण बना। इस अवसर पर कॉलेज के विभागाध्यक्षों डॉ. विनय मोहन, डॉ. हस्ती कांकरिया, डॉ. उमेश चंद्र प्रसाद, डॉ. अतुल, डॉ. शैलेन्द्र चौहान, डॉ. राहुल, डॉ. मनीषा गुप्ता तथा डॉ. अजय नागपाल, डॉ. सिद्धार्थ सिसोदिया, डॉ. सोनल गुप्ता, डॉ. अनुज गौर सहित प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी शैक्षणिक यात्रा के दौरान हरसम्भव मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम का समापन हाई टी के साथ हुआ, जहां विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को आपसी परिचय और संवाद का अवसर मिला।









