
हाथरस 10 अक्टूबर। जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड सासनी स्थित पराग डेयरी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित छह हेक्टेयर से अधिक भूमि का स्थलीय निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण से जुड़ी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि को शीघ्र चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए, जिससे मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित तैयारियों के मद्देनजर अधिकारियों को लंबित औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पराग डेयरी की अस्थाई गौशाला में मिले 1007 गौवंश
मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने पराग डेयरी परिसर में संचालित अस्थाई गौशाला का भी औचक निरीक्षण किया। यहां कुल 1007 गौवंश संरक्षित मिले, जो निरीक्षण के दौरान स्वस्थ पाए गए। जिलाधिकारी ने गौशाला में संरक्षित गौवंश को समामई रूहल और नगला गढ़ू स्थित गौशालाओं में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लगभग 40 से 50 गौवंश के कानों में ईयर टैग नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल टैगिंग सुनिश्चित कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश की पहचान और निगरानी के लिए ईयर टैगिंग की व्यवस्था पूरी होनी चाहिए।
300 कुंतल भूसा उपलब्ध, व्यवस्थाओं की जांच
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि अस्थाई गौशाला में वर्तमान में 300 कुंतल भूसा संरक्षित है। जिलाधिकारी ने गौवंशों के लिए पेयजल, टीनशेड, हरे चारे और भूसे की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। साथ ही केयरटेकर की उपस्थिति पंजिका, स्टॉक पंजिका और पशु चिकित्सक की विजिट पंजिका सहित अन्य अभिलेखों का अवलोकन किया। उन्होंने गौशाला परिसर में नियमित साफ-सफाई रखने तथा गौवंशों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जनपद की सभी स्थायी और अस्थाई गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण कराने के साथ शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, उपजिलाधिकारी सासनी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी सासनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










