हाथरस 10 अक्टूबर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड सासनी की ग्राम पंचायत समामई रूहल स्थित श्री दाऊजी गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने गौशाला में संरक्षित गौवंशों के लिए उपलब्ध चारा, पेयजल, आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गौवंशों के संरक्षण, समुचित पोषण और बेहतर देखभाल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गौशाला में गौवंशों को सुरक्षित रखने के लिए 100×63 फीट का टीन शेड निर्मित कराया गया है। इसके पिलर निर्माण में हैंडपंप रीबोरिंग से प्राप्त पाइपों का उपयोग किया गया, जिससे निर्माण लागत में बचत हुई। बीमार गौवंशों को उपचार के दौरान अन्य गौवंशों से अलग रखने के लिए पृथक टीन शेड की व्यवस्था भी की गई है।
गौशाला में 300 निराश्रित गौवंश संरक्षित
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि गौशाला में वर्तमान में कुल 300 निराश्रित गौवंश संरक्षित हैं। इनमें 23 नर और 277 मादा गौवंश शामिल हैं। उनकी देखभाल के लिए 10 केयरटेकर तैनात किए गए हैं। गौशाला में तीन टीन शेड उपलब्ध हैं, जबकि एक अन्य टीन शेड का निर्माण कार्य जारी है। गौवंशों के लिए चारा खाने को तीन चरही और पेयजल के लिए पांच हॉज बनाए गए हैं। पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दो समरसेबल पंप भी संचालित हैं। अधिकारियों के अनुसार, गौशाला में वर्तमान में 90 कुंतल भूसा सुरक्षित रखा गया है तथा प्रतिदिन 35 से 45 कुंतल हरा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 2,000 कुंतल क्षमता के भूसा गोदाम का निर्माण भी कराया गया है।
12 लाभार्थियों को सुपुर्द किए गए 24 गौवंश
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 12 लाभार्थियों को कुल 24 गौवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गौशाला में पेयजल, विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके माध्यम से निरीक्षण से संबंधित प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी, जिन्हें जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी देख सकेंगे।
वृक्षारोपण और सोलर पंप लगाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने गौशाला में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गौवंशों के संरक्षण, समुचित पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप गौशाला का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा परिसर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराने को कहा। इसके साथ ही गौशाला में सोलर पंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी सासनी, खंड विकास अधिकारी सासनी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











