हाथरस 06 अक्टूबर। दीपावली और अन्य त्योहारों से पहले हाथरस पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली, थाना हाथरस गेट और एसओजी की संयुक्त टीम ने सोमवार रात जलेसर रोड पर छापेमारी कर करीब 33 टन गंधक और पोटाश बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 83 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार थाना हाथरस गेट क्षेत्र से 162 कट्टे, करीब आठ टन, जबकि कोतवाली नगर क्षेत्र से 495 कट्टे, करीब 25 टन सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राम निवासी जलेसर रोड को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कपिल, रौनक और लंकी निवासी गिर्राज कॉलोनी मौके से फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले के तार फरीदाबाद से जुड़े हैं। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने दो दिन पहले मुकेश कॉलोनी स्थित एक मकान से 2296 किलो पोटेशियम नाइट्रेट और 200 किलो गंधक बरामद कर पुनीत नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुनीत ने रासायनिक सामग्री हाथरस से लाए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम पुनीत को लेकर हाथरस पहुंची और उसकी निशानदेही पर माचिस कारोबारी मनोज अग्रवाल निवासी बाला पट्टी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद हाथरस पुलिस ने सक्रिय होकर रात में संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री का इस्तेमाल अवैध रूप से पटाखे तैयार करने में किया जाना था और दीपावली से पहले इसकी सप्लाई की तैयारी थी। सीओ सदर हिमांशु माथुर ने बताया कि टीम गठित कर कार्रवाई की गई है और मौके से करीब 83 लाख रुपये की विस्फोटक सामग्री के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। गौरतलब है कि पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामलों में पहले भी हाथरस का नाम सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल के दत्तपुकुर पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद एसटीएफ जांच में हाथरस की एक फर्म से कलमी शोरा हावड़ा भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। मई 2026 में देवास विस्फोट के बाद एसआईटी ने हाथरस पहुंचकर सासनी के एक कारोबारी से पोटेशियम नाइट्रेट की सप्लाई को लेकर पूछताछ की थी। इसके अलावा सहपऊ में 132 किलो पटाखे और कच्चा माल बरामद होने तथा सितंबर 2026 में सिकंदराराऊ में 45 किलो सामग्री के साथ दो लोगों की गिरफ्तारी के मामले भी सामने आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और पटाखा निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।









