हाथरस 03 अक्टूबर। मेला श्री दाऊजी महाराज में शुक्रवार रात आयोजित लाफ्टर शो के दौरान हजारों की भीड़ उमड़ने से व्यवस्थाएं चरमरा गईं। कार्यक्रम स्थल के पंडाल और प्रवेश द्वारों पर भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया। धक्का-मुक्की के बीच लोगों को अंदर जाने में परेशानी हुई और रात करीब 10 से 11 बजे के बीच स्थिति अनियंत्रित होने लगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकारीं, जिसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड भी भीड़ के दबाव में गिरकर घायल हो गया। बताया गया कि उसे अस्पताल ले जाने के लिए तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके बाद एसडीएम सदर की गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रवेश द्वारों पर बढ़ता गया दबाव
शुक्रवार रात लाफ्टर शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेला परिसर पहुंचे थे। पंडाल की क्षमता के मुकाबले भीड़ अधिक होने के कारण प्रवेश द्वारों पर दबाव बढ़ता गया। लोग धक्का-मुक्की के बीच कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश करते रहे। हालात बिगड़ने के साथ लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ स्थानों पर हाथापाई जैसी स्थिति बनने की बात भी सामने आई। भीड़ में कई लोगों को अपने सामान की चिंता सताती रही। मुरसान किला निवासी अल्फेज खान ने मोबाइल चोरी होने की शिकायत भी की।

बैरिकेडिंग टूटी, कुर्सियां फेंकीं
व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी बढ़ने के बीच भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। कुछ लोगों द्वारा कुर्सियां फेंके जाने की भी जानकारी सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर कुछ लोग मंच तक पहुंच गए। वहीं, वीआईपी पास लेकर पहुंचे लोगों को भी कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश नहीं मिल सका। इससे बाहर मौजूद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। पंडाल के अंदर जहां कार्यक्रम चल रहा था, वहीं बाहर काफी देर तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

कई लोगों के चोटिल होने की जानकारी
घटना के दौरान होमगार्ड समेत कई अन्य लोगों के चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, चोटिल लोगों की कुल संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़ा स्पष्ट नहीं हो सका है। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने कार्यक्रम को आधी रात से पहले ही रुकवा दिया। प्रशासन के मुताबिक, बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम रोकना जरूरी हो गया था।

कई कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
लाफ्टर शो में रूबा खान, गुलजार, खासा आला चहर, नंदिनी शर्मा और त्रिलोकी पोपट समेत कई कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियां काफी देर तक चलीं, लेकिन कार्यक्रम स्थल के बाहर भीड़ के लगातार अनियंत्रित होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया। सवाल यह है कि इतनी बड़ी भीड़ की संभावना के बावजूद प्रवेश, बैरिकेडिंग, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को किस तरह तैयार किया गया था। घटना के बाद मेला प्रशासन की व्यवस्थाओं और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।












