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हाथरस 27 सितम्बर। जिले में 25 सितंबर से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत जिन किसानों की बीमित फसल बारिश, तेज हवाओं अथवा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित हुई है, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने की सलाह दी गई है। कृषि विभाग के मुताबिक प्रभावित किसान 72 घंटे के भीतर अपनी फसल को हुए नुकसान की सूचना संबंधित माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे नुकसान की सूचना देने में किसी तरह की देरी न करें, ताकि नियमानुसार आगे की सर्वेक्षण एवं क्षति आकलन की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।

कृषि विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी शिकायत अथवा नुकसान की सूचना दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा किसान यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि से भी संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने किसानों को यह सुविधा भी दी है कि वे अलीगढ़ रोड स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में आवेदन देकर अपनी फसल को हुए नुकसान की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। विभाग का कहना है कि किसान उपलब्ध माध्यमों में से किसी एक माध्यम का उपयोग करते हुए निर्धारित समय के भीतर सूचना अवश्य दर्ज कराएं, ताकि उनकी फसल क्षति का नियमानुसार परीक्षण कराया जा सके।

सूचना दर्ज होने के बाद संबंधित बीमा कंपनी की ओर से नियमानुसार फसल नुकसान का सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित फसल एवं खेत की स्थिति का आकलन कर क्षति का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों और संबंधित किसान की पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं और निर्धारित परिस्थितियों के कारण फसल को होने वाली विभिन्न प्रकार की क्षति के लिए प्रावधान किए गए हैं। कुछ परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर हुई आपदा अथवा फसल कटाई के बाद निर्धारित अवधि में हुई क्षति का आकलन भी प्रभावित खेत के स्तर पर किए जाने का प्रावधान है। बारिश और तेज हवाओं के बाद खेतों में खड़ी फसलों के प्रभावित होने की स्थिति में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात निर्धारित 72 घंटे की समयसीमा है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसान नुकसान की सूचना दर्ज कराने में लापरवाही न बरतें। समय से सूचना मिलने पर संबंधित प्रक्रिया के तहत सर्वेक्षण एवं क्षति आकलन कराया जा सकेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल बीमा पॉलिसी, आवेदन से संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि नुकसान की सूचना दर्ज कराते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि बारिश और तेज हवाओं के कारण उनकी बीमित फसल को नुकसान पहुंचा है तो वे तुरंत इसकी सूचना संबंधित माध्यम से दर्ज कराएं। किसान कृषि रक्षक हेल्पलाइन 14447, बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय के माध्यम से अपनी सूचना दर्ज करा सकते हैं। साथ ही किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी पॉलिसी और आवेदन से संबंधित स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने कहा है कि समय पर नुकसान की सूचना दर्ज कराना किसानों के हित में आवश्यक है, जिससे नियमानुसार सर्वेक्षण और क्षति आकलन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

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