
हाथरस 22 सितम्बर। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में हाथरस के उत्पादों की खास मौजूदगी रहेगी। जिले के स्थानीय उद्यमी और निर्यातक हींग, रबड़ी, हवन सामग्री, गुलाल, ज्वेलरी, किचन वेयर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन करेंगे। इससे हाथरस के स्थानीय उत्पादों को नए बाजार और खरीदार मिलने की उम्मीद है। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र रमेंद्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत हॉल नंबर-9 में एसडीपीएस फूड इंडस्ट्रीज के प्रेम पोद्दार और ब्रज किशोरी एंटरप्राइजेज की शशि देवी वर्मा हाथरस की प्रसिद्ध हींग का प्रदर्शन करेंगे। वहीं हॉल नंबर-10 में एमएसएमई, महिला उद्यम एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जुड़े व्यवसायी अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे। इसमें आरबी इंडस्ट्रीज के रामबिहारी अग्रवाल, पवन ज्वेलर्स के पवन कुमार, प्लास्ट केयर के रविंद्र शर्मा, एडी स्पाइसेज के गोपाल कुमार, वर्मा ट्रेडर्स एवं चुन्नीलाल भगवानदास के शांतनु गुप्ता शामिल हैं। इनके द्वारा हींग, ज्वेलरी, किचन वेयर और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।
हाथरस के निर्यातक भी अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने जिले के उत्पादों की पहचान मजबूत करने का प्रयास करेंगे। राधा किशन बिशन दास रंग रसायन के अवध अग्रवाल हवन सामग्री तथा आरबी डाईकेम के बांके बिहारी अग्रवाल होली के रंग और गुलाल का प्रदर्शन करेंगे। एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी भी ट्रेड शो में आकर्षण का केंद्र रहेगी। हन्नो लाला रबड़ी वाले के कृष्णा वार्ष्णेय और प्रियांशु ट्रेडर्स के प्रियांशु वार्ष्णेय लाइव किचन एवं आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से रबड़ी और उससे बने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। आगंतुकों को रबड़ी के स्वाद से भी रूबरू कराया जाएगा। उपायुक्त रमेंद्र कुमार ने बताया कि मेगा ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, सिंगापुर, रूस, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। ऐसे में हाथरस की हींग, हस्तशिल्प और खाद्य उद्योग से जुड़े उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे जिले के उद्यमियों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है।





