
हाथरस 01 सितम्बर।छात्रहित को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 एवं 11 के संस्थागत विद्यार्थियों के अग्रिम पंजीकरण की पूर्व निर्धारित तिथियों में वृद्धि कर दी है। शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-7, लखनऊ द्वारा 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र के क्रम में नई समय-सारिणी जारी की गई है। इसके तहत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्धारित नई तिथियों के अनुसार पंजीकरण शुल्क प्राप्त करने तथा विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराने की कार्यवाही पूरी करनी होगी। नई व्यवस्था के अनुसार संस्था के प्रधान द्वारा कक्षा 9 एवं 11 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से 50 रुपये प्रति विद्यार्थी की दर से पंजीकरण शुल्क प्राप्त किया जाएगा, जिसमें 40 रुपये प्रति विद्यार्थी चालान के माध्यम से राजकीय कोषागार में जमा किए जाएंगे तथा शेष 10 रुपये विद्यालय के खाते में रहेंगे। पंजीकरण शुल्क जमा करने एवं विद्यार्थियों के शैक्षिक विवरण परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे तक निर्धारित की गई है।
इसके बाद 11 से 13 सितंबर 2026 तक विद्यालय के प्रधानाचार्य ऑनलाइन अपलोड किए गए छात्र-छात्राओं के विवरणों की चेकलिस्ट प्राप्त कर नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जेंडर, विषय, फोटो आदि का भली-भांति परीक्षण करेंगे। इस अवधि में वेबसाइट पर किसी भी प्रकार का अपडेशन प्रतिबंधित रहेगा। यदि जांच के बाद किसी विद्यार्थी के विवरण में संशोधन आवश्यक पाया जाता है तो 14 से 20 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे तक संस्था के प्रधान द्वारा वेबसाइट पर आवश्यक संशोधन अथवा अपडेट किया जा सकेगा। इस अवधि में किसी नए विद्यार्थी का विवरण अपलोड या स्वीकार नहीं किया जाएगा और केवल पूर्व में अपलोड किए गए विवरणों में संशोधन की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त पंजीकृत अभ्यर्थियों की फोटोयुक्त नामावली एवं संबंधित कोषपत्र की एक प्रति परिषद के क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजे जाने के लिए 30 सितंबर तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करानी होगी।
सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे शासन द्वारा निर्धारित इन नवीन संशोधित तिथियों का पालन करते हुए शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों का अग्रिम पंजीकरण ऑनलाइन कराने की प्रक्रिया समय से पूरी करें। विभाग ने विद्यालयों से यह भी अपेक्षा की है कि विद्यार्थियों के शैक्षिक विवरणों की जांच सावधानीपूर्वक की जाए, ताकि नाम, जन्मतिथि, विषय, फोटो एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरणों में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए और भविष्य में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।













