
हाथरस 01 सितम्बर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के 31 अगस्त 2026 के पत्र के क्रम में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्मृति गौतम ने जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों तथा संबंधित छात्र-छात्राओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार ऐसे पात्र विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए विशेष प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो शिक्षण संस्थान स्तर से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस स्तर से आवेदन निरस्त होने अथवा अन्य कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लाभ से वंचित रह गए थे। संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करते हुए पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
शासन द्वारा इसके लिए पोर्टल पर कार्यवाही की विस्तृत समय-सारिणी निर्धारित की गई है। 01 सितंबर से 07 सितंबर तक शिक्षण संस्थाओं द्वारा मास्टर डाटा तैयार एवं अपडेट किया जाएगा। इसके बाद 02 सितंबर से 08 सितंबर तक विश्वविद्यालय अथवा एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन किया जाएगा, जबकि 03 सितंबर से 09 सितंबर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस आदि का सत्यापन किया जाएगा। प्रक्रिया के अगले चरण में 16 सितंबर से 18 सितंबर तक शिक्षण संस्थान स्तर से त्रुटिपूर्ण आवेदनों को सही किया जाएगा तथा 17 सितंबर से 19 सितंबर तक शिक्षण संस्थाओं द्वारा सत्यापित एवं पात्र डाटा अग्रसारित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से उन विद्यार्थियों के आवेदनों का भी निस्तारण किया जाएगा, जो किसी तकनीकी, संस्थागत अथवा अन्य कारणों से पूर्व में योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सके हैं।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्मृति गौतम ने सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अपने स्तर की सभी आवश्यक कार्यवाहियां निर्धारित अवधि में पूरी करें, जिससे पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही पूरी करना आवश्यक है, ताकि पात्र विद्यार्थियों के आवेदन लंबित न रहें और उन्हें शासन की योजना का लाभ समय से मिल सके। वहीं, संबंधित छात्र-छात्राओं से भी अपील की गई है कि वे अपने शिक्षण संस्थान से संपर्क कर अपने आवेदन एवं डाटा की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। यदि आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि है अथवा आवेदन से संबंधित कोई समस्या लंबित है तो निर्धारित अवधि के भीतर उसका संशोधन एवं निस्तारण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, ऐसे में छात्र-छात्राएं समय-सारिणी का ध्यान रखते हुए अपने संस्थान से संपर्क बनाए रखें।













